DEHRADUN

 एमडीडीए का बड़ा एक्शन: रेसकोर्स में अवैध बहुमंजिला व्यवसायिक भवन सील

एमडीडीए का बड़ा एक्शन: रेसकोर्स में अवैध बहुमंजिला व्यवसायिक भवन सील

 

देहरादून, 08 मई 2026। भारत केसरी

देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त कार्रवाई करते हुए रेसकोर्स क्षेत्र में एक अवैध बहुमंजिला व्यवसायिक भवन को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है।

एमडीडीए के संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने 03 रेसकोर्स, देहरादून स्थित अमरजीत सिंह द्वारा कराए जा रहे व्यवसायिक बहुमंजिला निर्माण पर कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने भवन को सील करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

 

प्राधिकरण के अनुसार संबंधित निर्माण स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। सीलिंग अभियान के दौरान सहायक अभियंता निषांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा, सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

एमडीडीए ने साफ किया है कि शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण की नजर ऐसे सभी निर्माणों पर है जो नियमों को दरकिनार कर बनाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृति और अनुमति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।

“भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य लें” — बंशीधर तिवारी

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून शहर का सुनियोजित विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और भविष्य की प्लानिंग को ध्यान में रखते हुए निर्माण मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

“अवैध निर्माणों पर लगातार नजर” — मोहन सिंह बर्निया

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। रेसकोर्स स्थित व्यवसायिक भवन पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। संबंधित पक्ष को पहले नोटिस भी जारी किए गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।