अंडरग्राउंड पार्किंग देगी जाम से बड़ी राहत, ब्लूप्रिंट बनाकर हुआ तैयार
देहरादून, राजधानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। सचिव, आवास विभाग की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित पहली समीक्षा बैठक में परेड ग्राउंड और गांधी पार्क के मध्य प्रस्तावित अंडरग्राउंड पार्किंग योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में परियोजना का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण करते हुए लागत, ट्रैफिक प्रबंधन और कार्ययोजना के विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन हुआ।

लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार लगभग 6500 वर्गमीटर क्षेत्र में जी-1 स्तर की अंडरग्राउंड पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 60 करोड़ रुपये होगी। इस पार्किंग में लगभग 390 वाहनों को खड़ा करने की क्षमता होगी। इसके निर्माण से राजपुर रोड, ऐस्ले हॉल, सुभाष रोड और लैंसडाउन चौक जैसे व्यस्त मार्गों पर सड़क किनारे खड़े वाहनों से होने वाली जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में सचिव आवास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए विस्तृत और व्यवहारिक ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए। इस कार्य में परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एमडीडीए के साथ समन्वय स्थापित कर समग्र योजना तैयार करने को कहा गया। साथ ही, प्रस्तावित स्थल का भौतिक निरीक्षण करने के बाद अगली बैठक में विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले आवश्यक औपचारिकताओं पर भी जोर दिया गया। लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया कि पार्किंग के लिए इनफोर्समेंट प्लान, शुल्क निर्धारण और संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त कर अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए।
इसके अलावा, सचिवालय क्षेत्र में राजपुर रोड की ओर स्थित भूमि पर प्रस्तावित दूसरी अंडरग्राउंड पार्किंग परियोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। करीब 68 करोड़ रुपये की इस योजना में 189 वाहनों की पार्किंग क्षमता प्रस्तावित है। प्रति वाहन लागत अधिक होने पर सचिव आवास ने आपत्ति जताते हुए परियोजना का पुनर्मूल्यांकन करने के निर्देश दिए। साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा गया कि यह सुविधा केवल सचिवालय कर्मियों के लिए होगी या आम जनता के लिए भी उपलब्ध रहेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों परियोजनाओं को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। हरित क्षेत्र और पारिस्थितिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इन योजनाओं को आधुनिक शहरी प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में अंडरग्राउंड पार्किंग जैसी परियोजनाएं समय की जरूरत बन चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर इन परियोजनाओं को एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

यह बैठक परियोजना के प्रारंभिक चरण की समीक्षा के रूप में आयोजित की गई, जबकि आगामी बैठकों में सभी संबंधित पक्षों के साथ विस्तृत चर्चा कर डिजाइन, लागत और समय-सीमा पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
