श्मशान भूमि पर पेयजल योजना का ब्राह्मण महासभा ने किया विरोध , डीपीआर निरस्त नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
श्मशान भूमि पर पेयजल योजना का ब्राह्मण महासभा ने किया विरोध
डीपीआर निरस्त नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

देहरादून। भारत केसरी
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा उत्तराखंड ने चंद्रमणि श्मशान भूमि पर प्रस्तावित पेयजल योजना का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से ज्ञापन भेजा है।
महासभा के अध्यक्ष **मनमोहन शर्मा** ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रस्तावित ट्यूबवेल और पानी की टंकी श्मशान घाट की भूमि पर बनाई जा रही है, जो राजस्व अभिलेखों में मरघट के रूप में दर्ज है। उनका कहना है कि मृत शरीरों से जुड़ी भूमि का पानी आम जनता के उपयोग के लिए शुद्ध नहीं माना जा सकता और यह हिंदू संस्कृति तथा जनभावनाओं के खिलाफ है।
महासभा ने आरोप लगाया कि सरकार हठधर्मिता के चलते सार्वजनिक धन का दुरुपयोग कर रही है और लोगों के स्वास्थ्य तथा भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रस्तावित पेयजल योजना की डीपीआर को तत्काल निरस्त किया जाए। महासभा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन जनमानस के साथ मिलकर आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, लालचंद शर्मा, मुकुल शर्मा, सीताराम नौटियाल, मनोज शर्मा, पियूष गौड़, विजेंद्र प्रसाद ममगई, रजनी रमेश मांगू, सुभाष धस्माना, सतीश शर्मा, संजय और अशोक मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
