देहरादून में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा असर, एक दिन में 9080 मामलों का निस्तारण
देहरादून में राष्ट्रीय लोक अदालत का बड़ा असर, एक दिन में 9080 मामलों का निस्तारण
13 करोड़ से अधिक की धनराशि पर हुआ समझौता, आमजन को मिला त्वरित न्याय

देहरादून। भारत केसरी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण
, नई दिल्ली के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद देहरादून सहित ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता न्यायालयों में आयोजित इस लोक अदालत में एक ही दिन में कुल **9080 मामलों** का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत का आयोजन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक किया गया, जिसमें मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल मामले, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, शमनीय आपराधिक मामले और अन्य समझौतायोग्य मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया।

जिला मुख्यालय देहरादून में कुल **5844 मामलों** का निस्तारण हुआ, जिनमें फौजदारी के शमनीय मामले, मोटर वाहन अधिनियम, पारिवारिक विवाद, धन वसूली, उपभोक्ता फोरम और अन्य सिविल प्रकरण शामिल रहे। इन मामलों में लगभग **13.36 करोड़ रुपये** की धनराशि पर समझौता हुआ।
वहीं बाह्य न्यायालय विकासनगर में 978 मामलों का निस्तारण कर करीब 22.67 लाख रुपये, ऋषिकेश में 537 मामलों में 2.31 करोड़ रुपये, डोईवाला में 242 मामलों में 22.80 लाख रुपये तथा मसूरी में 56 मामलों में 47.55 लाख रुपये की धनराशि पर समझौता कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं वरिष्ठ सिविल जज **श्रीमती सीमा डुंगराकोटी** ने बताया कि लोक अदालतें त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि इन अदालतों के जरिए समाज में संवाद, सौहार्द और आपसी सहमति की भावना को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में दिए गए निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होते हैं तथा मामलों के निस्तारण के बाद पक्षकारों को जमा न्याय शुल्क भी वापस कर दिया जाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों और संस्थानों से जुड़े प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों का भी समाधान किया गया। इस दौरान कुल **3236 प्री-लिटिगेशन मामलों** का निस्तारण कर लगभग **2.18 करोड़ रुपये** की धनराशि पर समझौता कराया गया।
