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जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 201 शिकायतों पर प्रशासन का त्वरित एक्शन

 

जनता दरबार में उमड़ी फरियादियों की भीड़, 201 शिकायतों पर प्रशासन का त्वरित एक्शन

 

देहरादून: भारत केसरी

देहरादून कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दरबार में सोमवार को जनसमस्याओं का अंबार उमड़ पड़ा। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, अतिक्रमण, बुजुर्ग उत्पीड़न, विद्युत सुरक्षा, आर्थिक सहायता और स्कूल फीस माफी समेत विभिन्न मामलों से जुड़ी 201 शिकायतें दर्ज की गईं। प्रशासन ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि बाकी मामलों में संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में कई बुजुर्ग अपनी पारिवारिक पीड़ा लेकर पहुंचे। बीमार बुजुर्ग घनश्याम भंडारी ने बेटे पर दुकान और मकान हड़पने का आरोप लगाया, जबकि कैंसर पीड़ित 80 वर्षीय किस्मत सिंह ने बेटी-दामाद पर धोखाधड़ी कर जमीन और मकान अपने नाम कराने और घर से निकालने का आरोप लगाया। दोनों मामलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

आमवाला निवासी विधवा मुन्नी देवी ने बहू-बेटे पर मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया, जिस पर एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं 65 वर्षीय गोदम्बरी देवी ने पति से प्रताड़ना और आधी पेंशन दिलाने की मांग रखी।

 

जनसुनवाई में हाईटेंशन लाइन से जुड़े मामलों ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ाई। ग्राम खाला क्षेत्र में भूस्खलन के कारण झुके विद्युत खंभों को लेकर यूपीसीएल और नगर निगम को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। वहीं राजकीय प्राथमिक विद्यालय किद्दूवाला के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।

 

इसके अलावा मोहकमपुर के ज्वाल्पा एन्क्लेव में जलभराव, भोगपुर में कृषि भूमि कटाव, ग्राम सोरना और रुद्रपुर में अतिक्रमण, माजरी में नहर बंद कर भूमि कब्जाने और भगद्वारी खाल में पेयजल व सड़क समस्या जैसे मामलों पर भी संबंधित विभागों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।

 

जनता दरबार में आर्थिक सहायता के लिए भी कई फरियादी पहुंचे। किसी ने बेटी की शादी के लिए मदद मांगी तो किसी ने बच्चों की स्कूल फीस माफ कराने की गुहार लगाई। प्रशासन ने सभी मामलों में जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 

जनसुनवाई के दौरान नगर निगम, पशुपालन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टी करण तलब किया है।