कैंसर से जूझ रही विधवा सुनीता के लिए फरिश्ता बना जिला प्रशासन, बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक मिला सहारा
कैंसर से जूझ रही विधवा सुनीता के लिए फरिश्ता बना जिला प्रशासन, बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक मिला सहारा
देहरादून: भारत केसरी
देहरादून जिला प्रशासन एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। कैंसर से पीड़ित और आर्थिक तंगी से जूझ रही डोईवाला निवासी विधवा महिला सुनीता कलवार को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत देते हुए न सिर्फ आर्थिक मदद दी, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा भी दोबारा शुरू करवाई।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर रायफल क्लब फंड से सुनीता को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही उनके बेटे का स्कूल में दाखिला कराया गया, जबकि बेटी की रुकी हुई पढ़ाई को जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत फिर से शुरू कराया गया।
बताया गया कि सुनीता कलवार लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। वर्ष 2024 में जौलीग्रांट अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ था और फिलहाल इलाज जारी है। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी और बीमारी के दोहरे संकट ने हालात बेहद मुश्किल कर दिए थे। ऐसे में उन्होंने जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई थी।
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सहायता उपलब्ध कराई। आर्थिक सहयोग के साथ बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित होने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।
जिला प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जरूरतमंद और असहाय परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। बीते वर्षों में प्रशासन ने आर्थिक सहायता, चिकित्सा सहयोग, ऋण राहत और शिक्षा सहायता जैसे कई मामलों में सैकड़ों परिवारों को राहत पहुंचाई है।

विशेष रूप से ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के जरिए जरूरतमंद बालिकाओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन की यह पहल मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा का उदाहरण बनती जा रही है।
