एससी-एसटी एक्ट मामले में पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने हाईकोर्ट से वापस ली याचिका
नैनीताल: खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ हरिद्वार के लक्सर कोतवाली में दर्ज एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चैंपियन की ओर से उनके अधिवक्ता ने याचिका बिना किसी न्यायिक आदेश के वापस ले ली।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई।
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि पूर्व विधायक ने उन्हें फोन पर कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित पक्ष ने दावा किया कि इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसकी प्रति पेन ड्राइव में उपलब्ध है और आवश्यकता पड़ने पर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
पीड़ित पक्ष ने यह भी कहा कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ पहले से 16 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, चैंपियन की ओर से अदालत में कहा गया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उनका दावा है कि उन्होंने किसी के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी नहीं की और न ही कोई वीडियो वायरल किया। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो उनका नहीं है।
हालांकि, अदालत की ओर से कोई आदेश पारित किए जाने से पहले ही चैंपियन के अधिवक्ता ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
क्या है मामला?
यह मामला हरिद्वार जिले के बहादराबाद क्षेत्र के शांतरशाह निवासी जोगेंद्र कुमार की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 22 जून को वह अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। आरोप है कि जेके टायर फैक्ट्री के सामने एक वाहन ने उनकी कार को ओवरटेक करते हुए टक्कर मार दी। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि संबंधित वाहन पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का था। इसी घटनाक्रम के बाद कथित रूप से फोन पर अभद्र भाषा, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और धमकी देने के आरोप लगाते हुए लक्सर कोतवाली में एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
