हरिद्वार में नकली नोटों के दो बड़े गिरोहों का पर्दाफाश, 14 दिनों में 12 गिरफ्तार; यूपी-पंजाब तक फैला नेटवर्क
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में नकली नोटों के कारोबार पर पुलिस ने लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 14 दिनों में दो अलग-अलग गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। दोनों मामलों में कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.92 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, कार और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।
जांच में सामने आया है कि एक गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के बिजनौर से जुड़े थे, जबकि दूसरा गिरोह पंजाब से संचालित हो रहा था। दोनों गिरोह हरिद्वार जैसे धार्मिक और भीड़भाड़ वाले शहर में श्रद्धालुओं और छोटे कारोबारियों को निशाना बनाकर नकली नोट खपाने की योजना बना रहे थे।
यूपी से संचालित गिरोह का खुलासा
श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने 27 जून को वनकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उनकी कार से 52,500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ और जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने देवेंद्र कुमार, गुलजार अहमद और शगुन जोशी को भी गिरफ्तार किया, जिनके पास से 50 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रिंटर, लैपटॉप तथा विशेष कागज बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी शगुन जोशी असली नोट की तस्वीर लेकर सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप की मदद से उसकी उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल कॉपी तैयार करता था। इसके बाद प्रिंटर से नकली नोट छापे जाते थे, ताकि वे असली नोटों जैसे दिखाई दें।
पूछताछ में मुख्य आरोपी देवेंद्र कुमार ने बताया कि उसने और गुलजार ने पहले बिजनौर के बड़ापुर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट तैयार किए थे। इनमें से लगभग 60 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में खपा दिए गए थे। मुनाफा मिलने के बाद गिरोह का विस्तार किया गया और देवेंद्र के जीजा शिवम तथा तकनीकी सहायता के लिए शगुन जोशी को भी शामिल किया गया।
इस मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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पंजाब कनेक्शन भी आया सामने
दूसरे मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने 6 जुलाई को चेकिंग अभियान के दौरान सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 84,500 रुपये के 500 रुपये मूल्यवर्ग के नकली नोट बरामद हुए।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों की पुलिस रिमांड लेकर पंजाब में दबिश दी। वहां से गुरदासपुर निवासी पवन कुमार को 5 हजार रुपये और अमृतसर निवासी सुखबिर सिंह को 1 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इनके कब्जे से नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर और कार भी बरामद की। जांच में खुलासा हुआ कि पवन कुमार और सुखबिर सिंह की दोस्ती जेल में हुई थी, जिसके बाद दोनों नकली नोटों के कारोबार में सक्रिय हो गए। उनका गिरोह हरिद्वार में नकली नोट खपाने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से योजना सफल नहीं हो सकी।
धार्मिक शहरों को बना रहे थे निशाना
पुलिस जांच के अनुसार, हरिद्वार में प्रतिदिन देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़भाड़, अस्थायी दुकानें और नकद लेनदेन अधिक होने के कारण ऐसे गिरोह धार्मिक स्थलों और छोटे दुकानदारों को आसान निशाना मानते हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने इसी वजह से हरिद्वार को अपने नेटवर्क का केंद्र बनाने की कोशिश की।
एसपी सिटी ने क्या कहा?
हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि सिडकुल क्षेत्र, मठ-मंदिरों और आगामी कांवड़ यात्रा एवं कुंभ मेले को देखते हुए पुलिस लगातार चेकिंग और सत्यापन अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि नकली नोटों के दोनों बड़े गिरोहों का खुलासा इन्हीं अभियानों का परिणाम है और आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
