DEHRADUNUttrakhand

प्रेमनगर पुल विवाद पर कांग्रेस का हल्ला बोल, ध्वस्त सड़कों को लेकर सरकार घिरी

देहरादून | भारत केसरी न्यूज

 

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच सड़कों और पुलों की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देहरादून के प्रेमनगर स्थित टौंस नदी पर बने पुल के एप्रोच मार्ग के धंसने के विरोध में कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर धरना दिया।

धरने के दौरान धस्माना ने लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज को बर्खास्त करने, पुल निर्माण से जुड़े अभियंताओं और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ पुल शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

कांग्रेस ने दावा किया कि प्रदेश के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में 200 से अधिक संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अस्पताल, स्कूल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने राज्य सरकार पर आपदा प्रबंधन में विफल रहने का आरोप भी लगाया।

 

करीब तीन घंटे तक धरने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय पहुंचकर मुख्य सचिव आनंद वर्धन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेशभर की ध्वस्त सड़कों और पुलों की तत्काल मरम्मत, संपर्क मार्गों की बहाली तथा प्रेमनगर पुल निर्माण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।

 

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाती, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं सरकार की ओर से पुल के एप्रोच मार्ग की मरम्मत और तकनीकी जांच जारी होने की बात कही गई है।