स्वास्थ्य मंत्री की पोस्ट बनी सियासी हथियार, AAP बोली- सरकारी अस्पतालों की खुल गई पोल”
देहरादून ,भारत केसरी
उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का दावा है कि स्वास्थ्य मंत्री की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने ही सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देहरादून में आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्षा उमा गौड़ सिसोदिया ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति अब किसी से छिपी नहीं है।

AAP ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की उस सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने दून अस्पताल के डॉक्टर पांडे का हालचाल जानने के लिए मैक्स अस्पताल पहुंचने की जानकारी साझा की थी।
इसी पोस्ट को आधार बनाते हुए उमा गौड़ सिसोदिया ने सवाल उठाया कि जब सरकारी डॉक्टर स्वयं इलाज के लिए निजी अस्पताल का रुख कर रहे हैं, तो आम जनता सरकारी अस्पतालों पर कैसे भरोसा करे।
AAP का कहना है कि यदि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होतीं, तो सरकारी डॉक्टरों को निजी अस्पतालों में इलाज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल अब केवल गरीब और मजबूर लोगों तक सीमित होकर रह गए हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और भी अधिक चिंताजनक है।
उमा गौड़ सिसोदिया ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बजाय सरकार यह बताए कि सरकारी अस्पतालों की चरमराई व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त डॉक्टर, दवाइयां और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आम जनता के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी भी सरकारी अस्पतालों में ही गुणवत्तापूर्ण इलाज प्राप्त कर सकें।
फिलहाल आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है और स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार की मांग की है। वहीं, इस मामले में सरकार या स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
