सीमा द्वार पर गूंजा बहनों का स्नेह, वीर जवानों की कलाई पर सजी राखी
देहरादून: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान और बहनों के स्नेह का भाव सीमा द्वार पर देखने को मिला। महिला उन्नति संस्था उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पिंकी बिष्ट ने सीमा द्वार पहुंचकर वीर सैनिकों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान देवभूमि उत्तराखंड और सैन्य धाम के जांबाज सैनिक भाइयों को राखी बांधते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई। कार्यक्रम के दौरान देश सेवा में समर्पित जवानों के साहस, शौर्य और अदम्य जज्बे को नमन किया गया।

‘राखी सिर्फ धागा नहीं, स्नेह और विश्वास का प्रतीक’
इस अवसर पर पिंकी बिष्ट ने कहा कि देश के सैनिक अपने परिवारों से दूर रहकर दिन-रात सीमाओं की सुरक्षा में डटे रहते हैं। उनके त्याग, साहस और समर्पण के कारण ही देशवासी अपने घरों में सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करने वाले प्रत्येक वीर जवान के प्रति देशवासियों के मन में अपार सम्मान और कृतज्ञता है। रक्षाबंधन के अवसर पर सैनिक भाइयों की कलाई पर बांधी गई राखी उनके प्रति बहनों के स्नेह, सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।
वीर जवानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना
कार्यक्रम के दौरान जवानों को राखी बांधकर उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई। साथ ही राष्ट्र की सेवा में उनके अदम्य साहस और समर्पण को सलाम किया गया।
सीमा द्वार पर आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को देशभक्ति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की भावना से जोड़ दिया। जवानों की कलाई पर सजी राखी ने यह संदेश दिया कि भले ही सैनिक अपने परिवारों से दूर सीमाओं पर तैनात हों, लेकिन देश की करोड़ों बहनों का स्नेह और आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है।
