उत्तराखंड में 42 राजकीय विद्यालयों का होगा उच्चीकरण, 448 अस्थायी पदों को मंजूरी
देहरादून: उत्तराखंड शासन ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए 42 राजकीय विद्यालयों के उच्चीकरण को मंजूरी दे दी है। इनमें 7 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को हाईस्कूल और 35 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किया जाएगा।
उच्चीकृत विद्यालयों के संचालन के लिए शासन ने कुल 448 अस्थायी पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है। इस संबंध में सचिव ज्योति यादव ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।



7 विद्यालय बनेंगे हाईस्कूल
शासनादेश के अनुसार, सात राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों को हाईस्कूल स्तर पर उच्चीकृत किया जाएगा। इनमें ऊधमसिंह नगर के पत्थरचट्टा और धीमरी, उत्तरकाशी के लिवाड़ी, बागेश्वर के भगरतोला, वाछम और धन्यारी तथा चम्पावत के धासम स्थित विद्यालय शामिल हैं।
इन सात विद्यालयों के लिए कुल 63 अस्थायी पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक के साथ हिंदी, आधुनिक भारतीय भाषा अथवा अंग्रेजी/संस्कृत, गणित, गृह विज्ञान, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला शिक्षा तथा छात्र संख्या के आधार पर एक अतिरिक्त विषय के शिक्षक पद होंगे।
प्रधानाध्यापक का वेतनमान ₹56,100 से ₹1,77,500 (लेवल-10) और सहायक अध्यापक एलटी का वेतनमान ₹44,900 से ₹1,42,400 (लेवल-7) निर्धारित किया गया है।
35 विद्यालयों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई
इसके अलावा प्रदेश के 35 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किया गया है। इनमें ऊधमसिंह नगर, टिहरी, उत्तरकाशी, चम्पावत, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून जिले के विद्यालय शामिल हैं।
इनमें ऊधमसिंह नगर के मानपुर, शिवलालपुर, अमरझंडा, सिसौना और शहेदौरा, टिहरी के मेड़, भिलंगना, टिहरी, थान, कौशल और पजैगांव, उत्तरकाशी के कफनौल, चम्पावत के सिल्ली, पल्सों और डुगरालेटी, पौड़ी के कुटखाल, चोपताखाल, तिलधारखाल और माला समेत अन्य विद्यालय शामिल हैं।
नैनीताल के बड़ौन, कैंडागांव, नाईसेला और कूल रामगढ़, अल्मोड़ा के खाकर, चगेठी और काटली, रुद्रप्रयाग के बाछ्व, कालीमठ और किरोड़ा, चमोली के कर्नोल, मानमती, विजयसैन और पिण्डवाली, बागेश्वर के जयड़ेरा तथा पिथौरागढ़ के पोखरी और हिमतड़ विद्यालय भी इस सूची में शामिल हैं।
देहरादून जिले के सहसपुर क्षेत्र स्थित कैंचीवाला और बिरसनी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को भी इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किया गया है।
इंटर स्तर के लिए 385 अस्थायी पद
इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किए गए 35 विद्यालयों के लिए कुल 385 अस्थायी पद स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक विद्यालय में एक प्रधानाचार्य और 10 प्रवक्ता के पद शामिल हैं।
प्रधानाचार्य का वेतनमान ₹78,800 से ₹2,09,200 (लेवल-12) तथा प्रवक्ता का वेतनमान ₹47,600 से ₹1,51,100 (लेवल-8) निर्धारित किया गया है।
शासनादेश के अनुसार ये अस्थायी पद आदेश जारी होने या नियुक्ति की तिथि, जो भी बाद में हो, से 28 फरवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर शासन को इन पदों को निर्धारित अवधि से पहले समाप्त करने का अधिकार भी रहेगा।
पुराने शिक्षकों का होगा समायोजन
उच्चीकरण वाले जूनियर हाईस्कूलों में पहले से सृजित पदों को समर्पित माना जाएगा। वहां कार्यरत प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को शासनादेश जारी होने की तिथि से तीन माह के भीतर अन्यत्र समायोजित किया जाएगा।
इसी तरह हाईस्कूल से इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापकों का भी नियमानुसार समायोजन किया जाएगा।
शासन ने स्पष्ट किया है कि इस उच्चीकरण और पद सृजन से संबंधित व्यय वित्तीय वर्ष 2026-27 के माध्यमिक शिक्षा बजट से वहन किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
42 विद्यालयों के उच्चीकरण से संबंधित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब अपने ही क्षेत्र में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा उपलब्ध होने की सुविधा मिलेगी। इससे विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम होगी।
