देहरादून में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, 21 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए
देहरादून, 25 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में देहरादून जिले में मिलावटी और दूषित खाद्य सामग्री के खिलाफ जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर मंगलवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त टीमों ने खाद्य प्रतिष्ठानों, डेयरी और मिठाई की दुकानों का सघन निरीक्षण किया।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा और उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह के नेतृत्व में नगर निगम क्षेत्र के चकराता रोड और घंटाघर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान बीकानेरवाला से मावा, रबड़ी, केसर पेड़ा और मक्खन, हल्दीराम से सफेद रसगुल्ला, स्वीट लस्सी और प्लेन बर्फी तथा कुमार स्वीट शॉप से काजू बर्फी और कलाकंद के नमूने लिए गए। यहां से कुल 9 नमूने जांच के लिए संकलित किए गए।

विकासनगर में 9 और मसूरी में 3 नमूने लिए गए
इसी क्रम में उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार के नेतृत्व में विकासनगर क्षेत्र में डेयरी एवं मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने संदेह के आधार पर खुला पनीर और मावा के दो-दो नमूने, बेसन बर्फी और मिल्क केक के दो-दो नमूने तथा कलाकंद के दो नमूने लिए। विकासनगर क्षेत्र से कुल 9 नमूने जांच के लिए भेजे गए।
वहीं, मसूरी क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए चाय, खुला बेसन और पनीर के 3 नमूने लिए गए।
इस तरह मंगलवार की कार्रवाई में देहरादून जिले से कुल 21 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए।
3 किलो बासी और अत्यधिक रंगयुक्त लड्डू नष्ट
कार्रवाई के दौरान विकासनगर क्षेत्र की एक दुकान पर करीब 3 किलोग्राम बासी और अत्यधिक रंगयुक्त लड्डू पाए गए। टीम ने मौके पर ही इन लड्डुओं को नष्ट करा दिया।
अभियान में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, तहसीलदार विकासनगर विवेक रजौरी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मसूरी कपिल देव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
‘मिलावट से कोई समझौता नहीं’
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि जिले के लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मिलावटी और दूषित खाद्य सामग्री के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
