Uttrakhand

अग्निवीरों के लिए धामी सरकार का बड़ा धमाका, अब रोजगार की राह होगी आसान!

देहरादून |

भारत केसरी

उत्तराखंड में अग्निवीरों के भविष्य को लेकर धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में **अग्निवीर रोजगार सेल** के गठन को मंजूरी दी गई है। इस सेल का संचालन मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत किया जाएगा।

 

सरकार का उद्देश्य सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद वापस लौटने वाले अग्निवीरों को उनकी **योग्यता, सैन्य अनुभव और कौशल के आधार पर रोजगार एवं स्वरोजगार** के अवसर उपलब्ध कराना है।

 

अग्निवीर रोजगार सेल को **सिंगल विंडो सिस्टम** के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके जरिए अग्निवीरों को रोजगार से जुड़ी जानकारी और सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।

 

सेल केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, पीएसयू, पैरामिलिट्री फोर्स और निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। इसका मकसद अग्निवीरों के लिए उनकी ट्रेनिंग और अनुभव के अनुरूप रोजगार के अवसर तलाशना होगा।

 

कैबिनेट ने इस सेल के संचालन के लिए **छह पदों के सृजन** को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक अग्निवीरों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और व्यवसाय शुरू करने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

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जरूरत के अनुसार अग्निवीरों को **कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण** से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा। डिजिटल माध्यम से रोजगार से जुड़ी सुविधाओं और अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

 

उत्तराखंड सरकार पहले ही सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए **10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण** की व्यवस्था कर चुकी है। रोजगार सेल के जरिए अब सरकारी नौकरी के साथ-साथ निजी क्षेत्र, पीएसयू और स्वरोजगार के विकल्पों को भी मजबूत करने की तैयारी है।

 

कर्नल अजय कोठियाल की प्रतिक्रिया

 

अग्निवीर योजना और युवाओं के भविष्य को लेकर राज्य मंत्री एवं पूर्व कर्नल **अजय कोठियाल** ने सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने अग्निवीरों को सेवा के बाद रोजगार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।

 

अग्निवीर रोजगार सेल —

* मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत संचालन

* छह नए पदों का सृजन

* सिंगल विंडो सिस्टम

* सरकारी विभागों से समन्वय

* पीएसयू और निजी कंपनियों से संपर्क

* पैरामिलिट्री क्षेत्र में रोजगार के अवसर

* स्वरोजगार के लिए सहयोग

* कौशल विकास और प्रशिक्षण

* डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यवस्था

* सरकारी नौकरियों में 10% क्षैतिज आरक्षण

धामी सरकार का यह फैसला चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद वापस लौटने वाले अग्निवीरों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब रोजगार सेल की जमीनी कार्यप्रणाली और उसके जरिए अग्निवीरों को मिलने वाले अवसरों पर नजर रहेगी।