Uttrakhand

सीएम धामी के विजन को धरातल पर उतार रहा एमडीडीए, 15 अक्टूबर तक बदलेगी शहर की तस्वीर

देहरादून, 3 सितंबर 2026। प्रदेश के शहरों को सुनियोजित, सुंदर और बेहतर नागरिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने विकास कार्यों में तेजी लाने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्राधिकरण ने लंबित योजनाओं की समीक्षा के साथ प्रत्येक कार्य के लिए समय-सीमा और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है।

एमडीडीए सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों पर चर्चा की गई। इस दौरान विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की गई।

15 अक्टूबर तक सौंदर्यीकरण पर रहेगा फोकस

शहर के व्यापक सौंदर्यीकरण को लेकर एमडीडीए ने आगामी 15 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्राधिकरण क्षेत्र की सड़कों को दुरुस्त करने, सिटी पार्क विकसित करने और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।

महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक टॉयलेट की संख्या और उपलब्धता बढ़ाने की भी तैयारी है। अधिकारियों को सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

G-20 की तर्ज पर होगा शहरों का सौंदर्यीकरण

शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और महत्वपूर्ण स्थलों को G-20 आयोजन की तर्ज पर आकर्षक स्वरूप देने की योजना है। इसके तहत सड़कों, डिवाइडरों और सार्वजनिक स्थलों पर हरियाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एमडीडीए का उद्देश्य शहर को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप देने के साथ स्थानीय संस्कृति और शहर की पहचान को भी सौंदर्यीकरण में शामिल करना है।

पार्किंग समस्या के स्थायी समाधान की तैयारी

देहरादून समेत प्राधिकरण क्षेत्र में बढ़ती पार्किंग समस्या को लेकर भी स्थायी समाधान तलाशने पर जोर दिया गया है। इसके लिए उपलब्ध भूमि, यातायात दबाव और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक योजनाएं तैयार की जाएंगी।

अधिकारियों को पार्किंग की समस्या का अस्थायी समाधान करने के बजाय दीर्घकालिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

ड्रोन और सैटेलाइट से होगी अवैध निर्माण की निगरानी

अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए एमडीडीए अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ाएगा। जीआईएस, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक के जरिए प्राधिकरण क्षेत्र की निगरानी मजबूत की जाएगी।

इस व्यवस्था से अनधिकृत निर्माण की शुरुआती स्तर पर पहचान करने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। प्रत्येक प्राधिकरण में जियो-इन्फॉर्मेशन आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सिर्फ नक्शे पास करने तक सीमित नहीं रहेगी भूमिका

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि विकास प्राधिकरणों की भूमिका केवल नक्शे पास करने या निर्माण संबंधी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहरों के समग्र विकास में सड़क, पार्किंग, हरियाली, सार्वजनिक सुविधाओं और नियोजित विस्तार को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है।

बंशीधर तिवारी बोले- बेहतर नागरिक सुविधाएं हमारा लक्ष्य

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रदेश के शहरों का विकास सुनियोजित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप किया जाए। एमडीडीए इन्हीं अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि लंबित योजनाओं को गति देने के साथ सड़क, पार्किंग, सिटी पार्क और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस है। 15 अक्टूबर तक सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण की निगरानी में ड्रोन, जीआईएस और सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। प्राधिकरण का लक्ष्य पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मोहन सिंह बर्निया बोले- हर कार्य की तय होगी जिम्मेदारी

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में प्राधिकरण स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी लंबित कार्यों की समीक्षा कर उनकी समय-सीमा और जिम्मेदारी तय की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सड़क सुधार, सौंदर्यीकरण, पार्किंग, सिटी पार्क और पिंक टॉयलेट जैसे कार्य प्राथमिकता में हैं। अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे और शहरों का विकास व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सके।