असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बड़ी सौगात, कई नए कल्याणकारी अनुदान मंजूर
देहरादून, 09 सितंबर। असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विधवाओं और आश्रितों के लिए महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी अनुदानों को मंजूरी दी है। पुराने वित्तीय अनुदानों की समीक्षा करते हुए सहायता राशि में बढ़ोतरी के साथ कुछ नए अनुदान भी स्वीकृत किए गए हैं।
उत्तराखंड अरेसा नोडल केंद्र देहरादून के अध्यक्ष अशोक नेगी ने बताया कि महानिदेशालय असम राइफल्स, शिलांग से विभिन्न कल्याणकारी अनुदानों का स्वीकृति पत्र प्राप्त हुआ है। नई व्यवस्थाओं से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
नई स्वीकृत सहायता के तहत 75 वर्ष की आयु से पहले दिवंगत पूर्व सैनिकों की विधवा पत्नियों को 75 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा शहीदों के अधिकतम दो बच्चों की मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसी व्यावसायिक उच्च शिक्षा के लिए प्रति विद्यार्थी 2 लाख रुपये तक का अनुदान स्वीकृत किया गया है। पूर्व सैनिकों और आश्रितों के बच्चों को कक्षा 10वीं और 12वीं की शिक्षा के लिए 15 हजार रुपये प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष की सहायता भी मिलेगी।
पूर्व सैनिक के निधन पर संबंधित अरेसा केंद्र द्वारा अंतिम सैन्य सम्मान से जुड़े खर्च के लिए 2 हजार से 3 हजार रुपये तक की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं अरेसा कार्यालय के रखरखाव एवं विविध खर्चों के लिए वार्षिक अनुदान में 5 हजार रुपये की वृद्धि कर इसे 25 हजार रुपये प्रतिवर्ष किया गया है।
अशोक नेगी ने इन कल्याणकारी निर्णयों के लिए असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों, अरेसा निदेशक, वैटरन प्रकोष्ठ के अधिकारियों तथा अन्य सहयोगी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नए अनुदानों से पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विधवाओं और आश्रित परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा तथा असम राइफल्स के पूर्व सैनिकों का मनोबल और मजबूत होगा।
