2027 चुनाव में विकास के साथ कांग्रेस की कथित विभाजनकारी राजनीति को मुद्दा बनाएगी भाजपा: महेंद्र भट्ट
देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा है कि पार्टी आगामी चुनाव में सरकार के विकास और जनकल्याणकारी कार्यों को प्रमुखता से जनता के बीच रखेगी। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर जातिवादी, भ्रष्टाचार और विभाजनकारी राजनीति करने के आरोप लगाए हैं।
बुधवार को मीडिया के सवालों के जवाब में महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा सकारात्मक मुद्दों और सरकार के कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा। इससे पहले भी भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए विकास को प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने पर जोर दिया गया था।
भट्ट ने हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मामले को राजनीतिक रंग दिया और देवभूमि की छवि को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया। हालांकि, इस प्रकरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से भी इस कार्यक्रम से पार्टी को अलग बताया गया था, जबकि भट्ट ने बाद में कार्यक्रम का बचाव किया था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आगामी चुनाव में ऐसे मुद्दों को जनता के सामने रखेगी, जिनके जरिए उसके अनुसार समाज में विभाजन और भ्रम की स्थिति पैदा की गई। उन्होंने कांग्रेस पर प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने की साजिश और तुष्टिकरण को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए।
भट्ट ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा के अनुसार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठते रहे हैं। हाल के दिनों में यूआईआईडीबी और सरकारी भूमि के इस्तेमाल को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में अभियान चलाकर अपने राजनीतिक दावों और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को जनता के सामने रखेगी। भट्ट के मुताबिक, पार्टी चाहती है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाता प्रदेश की संस्कृति, विरासत और विकास से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर अपने प्रतिनिधियों का चयन करें।
हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण को लेकर विवाद अभी भी राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह विवाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम से जुड़ा है और दोनों दल इस मामले को लेकर अलग-अलग दावे करते रहे हैं।
