उत्तराखंड में चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, देहरादून से हल्द्वानी तक ‘वोट बचाओ’ मार्च
देहरादून/हल्द्वानी। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उत्तराखंड में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देहरादून में संयुक्त मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई, वहीं हल्द्वानी में कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ जन जागरण मार्च के जरिए मताधिकार की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

देहरादून में गांधी पार्क से घंटाघर तक संयुक्त मार्च
देहरादून में कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों और सिविल सोसाइटी संगठनों ने गांधी पार्क से घंटाघर तक संयुक्त मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई और घंटाघर पर उनका पुतला दहन कर विरोध जताया गया।
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इसके बाद प्रदर्शनकारी घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने पहुंचे, जहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा करने और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा सूची में शामिल करने की मांग की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय करने की जरूरत भी बताई।
धस्माना का आरोप—मताधिकार पर हमला, जवाबदेही तय हो
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिक के मतदान के अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
धस्माना ने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से नहीं हटाया जाता और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक INDIA गठबंधन सड़कों पर उतरकर विरोध जारी रखेगा।
कांग्रेस नेताओं ने इस आंदोलन को चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की लड़ाई बताते हुए कहा कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान जरूरी है।
हल्द्वानी में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ मार्च
हल्द्वानी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में बुध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक जन जागरण मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
मार्च के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची की पारदर्शिता, कथित वोट हेराफेरी के आरोपों की जांच और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई।
सुमित हृदयेश बोले—निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव
कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मताधिकार की सुरक्षा के लिए है।
हृदयेश ने आरोप लगाया कि वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके मुताबिक, निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं और यदि मतदाता के वोट की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, तो पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
चुनावी पारदर्शिता पर सियासी टकराव तेज
देहरादून और हल्द्वानी में हुए प्रदर्शनों से स्पष्ट है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उत्तराखंड में राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बन रहा है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे से लेकर मतदाता सूची की समीक्षा तक कई मांगें उठाई हैं।
अब इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों के समाधान को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मताधिकार और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा राजनीतिक संघर्ष के केंद्र में बना रहेगा।
