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किताब विक्रेता की दुकानों पर लगी सील और बेबुनियाद मुकदमों के विषय में दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल एवं दून घाटी बुक सेलर एसोसिएशन द्वारा प्रेस क्लब में की गई एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस।

आज दिनांक 04/04/2025 को दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज मैसोंन एवं दून घाटी बुक सेलर एसोसिएशन अध्यक्ष रणधीर अरोड़ा द्वारा एक प्रेस वार्ता प्रेस क्लब में आहूत की गई..

जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि दिनांक 29/03/2025 को किसी सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा एक लिखित तहरीर हमारे दुकानदार के ऊपर दी जाती है जिस पर पुलिस के साथ टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर बिना किसी कारण दुकानें बन्द करवा कर यह कहकर चले गए कि अपनी दुकानें बंद रखे।
उसके दो दिन बाद यानि 1/4/2025 को प्रशासन द्वारा दुकानों पर पुलिस बल के साथ टीम आती हैं और बिना किसी ऑर्डर के हमारी दुकाने सील कर देती हैं , और पूछने पर यह हवाला देती है कि आपके द्वारा बेची जा रही किताबों में ISBN नंबर अंकित नहीं हैं और आमजन की साइट पर चेक करवाने लगी जब की राजा राम मोहन राय नेशनल एजेंसी फॉर आईएसबीएन इंडिया के द्वारा होता है ,ओर जो 1 दुकान खुली हुई थी उसे सील करवा दिया और बाकी 3 दुकाने जो पहले से ही बंद थी उनको भी सील कर दिया जाता है बंद दुकान को सील करने का कोई अधिकार किसी को नहीं हैं। 
जिसकी हम सभी व्यापारी कड़ी निंदा करते हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज मेसोंन द्वारा समस्त जानकारी जुटाए जाने के बाद जिला अधिकारी महोदय को फोन किया गया जिस पर जिलाअधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता उसके पश्चात जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर सैकड़ों व्यापारियों द्वारा सीलिंग ओर प्राथमिकी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाता है ओर माननीय मुख्यमंत्री जी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को ज्ञापन सौंपा जाता है जिसको उनके द्वारा स्वीकार किया जाता हैं
जिसके पश्चात रात्रि 10:30 बजे रेलवे स्टेशन पर सभी बुक्स व्यापारियों के साथ माननीय शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से मिलते हैं ओर उन्हें हमारे साथ हुए अन्याय की पूरी जानकारी देते हुए की जिस आईएसबीएन संख्या  ना होने के कारण हमारे ऊपर मुकदमे हुए ओर हमारी दुकानें सील हुई वो सब जानकारी के अभाव में हुई है जबकि जिन किताबों को बताया जा रहा है कि आईएसबीएन नहीं लगा हुआ है उन सबकी आईएसबीएन संख्या की पूरी रजिस्टर्ड कॉपी भी दिखा दी गई है ओर हाई कोर्ट द्वारा जो डिसीजन की कॉपी जिसमे साफ लिखा हुआ है कि आईएसबीएन होना या ना होना इस बात कि कतई पुष्टि नहीं करता कि फ्रॉड या पायरेसी या किसी प्रकार की चीटिंग हुई है। जब इन सबके बारे में माननीय मंत्री को अवगत करवाया गया।
उनके द्वारा भी यही कहा गया है की कार्येवाही तो स्कूलों की थी  किताब वाले कहा से आ गए ,  जिला अधिकारी से बात करके आपके लिए जो भी उचित होगा करवाता हूँ अगले दिन मंत्री द्वारा दूरभाष से हमे सूचित किया गया कि आप जिला अधिकारी महोदय से मिलकर अपनी बात जिला अधिकारी के समक्ष रखें ,  जिसपर हमारे द्वारा जब जिला अधिकारी महोदय से मिला गया तो उनके द्वारा इस पर केवल यह कहा गया कि अभी ये जांच का विषय है हमारे द्वारा एसएसपी से कह दिया गया है। जब की उनके समक्ष भी सारे साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए गए।
इसके बाद हमारे द्वारा एसएसपी महोदय से मिलकर उनसे अपनी आप बीती सुनाई  ओर उनके समक्ष भी सारे साक्ष्य प्रस्तुत किए गए जिसपर उनके द्वारा आश्वस्त किया जाता है की हमे आई एस बी न की ज़्यादा जानकारी नहीं हैं लेकिन आपके द्वारा दिए गए तथ्यों की भी हम जाँच करवाते हैं और जल्द ही आपको अवगत कराते है। इसके बाद व्यापारी आश्वस्त होकर वहां से आ गए।
अब दो दिन बीतने के बाद कई सौ अभिभावकों  के फ़ोन दुकानदारों एवम व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज मेसोन के पास लगातार आ रहे थे और अभिभावक अपने बच्चो की पढ़ाई को लेकर परेशान थे तो दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मण्डल अध्यक्ष पंकज मैसोंन एवं दून घाटी बुक सेलर एसोसिएशन रणधीर अरोड़ा द्वारा अभिभावकों की ओर बच्चो की परेशानी को देखते हुए कल रात्रि में यह निर्णय लिया कि मानवता को देखते हुए जो दुकाने सील है उनको छोड़ कर बाकी सभी अपनी दुकाने खोल ले और बाकी जो सीलिंग वाली दुकाने है उनके लिए हम लड़ाई लड़ेंगे और हम अब जल्दी ही हाई कोर्ट जाने के लिए रूप रेखा बना रहे है ओर जल्द है इस मामले में हाई कोर्ट का दरवाज़ा खट खटएंगे  ओर व्यापारी वर्ग के साथ हो रहे अन्याय ओर उत्पीड़न को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस अवसर पर सचिव रविन्द्र बड़ोनी, विनय अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, कमल नैनवाल, रमेश जुनेजा, सुखविंदर गौड़, पंकज जैन, अनिमेष शर्मा अन्य कई व्यापारी गण मौजूद रहे।

 

 

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