हेली एम्बुलेंस में सवार थे पायलट सहित एक डॉक्टर एवं एक नर्सिंग स्टाफ, सभी सुरक्षित
आपात लैंडिंग में टूटा टेल रोट, तकनीकी खराबी की जांच करेगा डीजीसीए
श्री केदारनाथ धाम में एक मरीज को रेस्क्यू करने पहुंचे संजीवनी हेली एंबुलेंस की आपातकाल लैंडिंग करनी पड़ी। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। हेली एम्बुलेंस में एम्स ऋषिकेश से आई मेडिकल टीम भी सवार थी। सफल आपातकाल लैंडिंग के चलते पायलट सहित मेडिकल की टीम सुरक्षित है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा राहुल चौबे ने बताया कि श्री केदारनाथ धाम में दर्शन को पहुंची एक महिला श्रद्धालु को सांस लेने में अधिक समस्या होने लगी। तबियत ज्यादा बिगड़ती देख राज्य सरकार की हेली एंबुलेंस सेवा संजीवनी की मदद ली गई। हेली में एम्स से मेडिकल टीम भी साथ केदारनाथ पहुंच रही थी, जिसमें एक डॉक्टर एवं एक नर्सिंग स्टाफ शामिल था।
शनिवार को केदारनाथ हेलिपैड से बमुश्किल 20 मीटर पहले एम्स का हेलिकॉप्टर क्रेश हो गया। पायलट सुरक्षित है। बताया जा रहा है कि हेलिकॉप्टर एक मरीज को लेने ऋषिकेश से केदारनाथ आ रहा था। एम्स के पीआरओ ने बताया कि हार्ड लैंडिंग के दौरान हादसा हुआ था।
हेलिकॉप्टर की टेल बॉन टूटी है। कोई घायल नहीं है। हेलिकॉप्टर में केवल पायलट सवार था। बता दें, 29 अक्तूबर 2024 को पीएम नरेंद्र मोदी ने एम्स की हेली एंबुलेंस सेवा संजीवनी का शुभारंभ किया था।
केदारनाथ के मुख्य हेलीपैड पर लैंडिंग से पहले ही हेली में कुछ तकनीकी खराबी आ गई। जिसे समय पर भांपते हुए पायलट ने हेलीपैड से ठीक पहले समतल स्थान पर लैंडिंग करना उचित समझा। लैंडिंग के दौरान हेली एम्बुलेंस का टेल रोटर टूट गया। पायलट की सूझबूझ से सफल आपातकाल लैंडिंग हो सकी और हेली में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि हेली का टेल रोटर टूट गया है। इस पूरे मामले की तकनीकी जांच डीजीसीए द्वारा की जाएगी जिसके उपरांत तकनीकी खामी की सही जानकारी मिल सकेगी।
20 सितंबर 2022 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश में हेली एंबुलेंस के संचालन की घोषणा की थी। हेली एबुलेंस सेवा का संचालन केंद्र और उत्तराखंड सरकार के 50-50 फीसदी की साझेदारी में होना है।
