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राज्य के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज में छात्र छात्राओं को अब स्मार्ट लाइब्रेरी की सुविधा

आज दिनांक 12 जून,2025 को राज्य के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज में छात्र छात्राओं के लिए स्मार्ट लाइब्रेरी की सुविधा शुरू की गई है। इसका उद्घाटन दयानंद शिक्षा संस्थान के सचिव मानवेन्द्र स्वरूप ने किया।

राज्य के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज में छात्र छात्राओं को अब स्मार्ट लाइब्रेरी की सुविधा । गुरुवार को दयानंद शिक्षा संस्थान के सचिव मानवेन्द्र स्वरूप ने इसका उद्घाटन किया। देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं का स्मार्ट लाइब्रेरी का सपना आज पूरा हो गया है, आज कॉलेज में सचिव दयानंद शिक्षा संस्थान मानवेंद्र स्वरूप ने कानपुर से आकर स्मार्ट लाइब्रेरी का विधिवत उद्घाटन किया।

नई लाइब्रेरी मिलने से छात्र-छात्राओं समेत शिक्षकों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला।उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज मे सिर्फ एक ही जिले के छात्र-छात्राएं पढ़ने नहीं आते बल्कि उत्तराखंड के दूर दराज के क्षेत्रों और मैदानी जिलों से भी यहां अपना भविष्य तराशने आते हैं। इस महाविद्यालय की 1916 में रखी गई थी।

अब तक यहां की पुरानी लाइब्रेरी में नई किताबें तक उपलब्ध नहीं थी। इन सबके बीच कॉलेज परिसर में स्मार्ट लाइब्रेरी बनाने का लक्ष्य चुनौती पूर्ण रहा, जिसकी आस में छात्र-छात्राएं बैठे रहे। यहां पर नई लाइब्रेरी स्थापित करना तो दूर कई वर्षों तक पुरानी लाइब्रेरी की हालत भी खस्ता रही। जिसकी टीनशेड तक हटा दी गई थी। नई पुस्तकों,जर्जर इमारत और छात्रों के बैठने की कोई उचित व्यवस्था ना होने के कारण यहां के छात्र-छात्राओं ने डीएल रोड और करनपुर की निजी पुस्तकालयों की तरफ रुख करना शुरू कर दिया।

 

 

 

कौशल कुमार प्राचार्य डीएवीपीजी कॉलेज

 

ऐसे में विशेष कर उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से पढ़ने आए युवाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने लगा, अधिकतर छात्र-छात्राएं कालेज के आसपास किराए के कमरे या फिर पीजी के तौर पर रहते हैं, उनको निजी लाइब्रेरी में 800 से लेकर 1000 रुपए चुकाने पड़ते थे, ताकि इस कॉम्पिटिशन के दौर में वह कोई नौकरी पा सकें, और अपने माता-पिता के सपनों को साकार कर सकें। लेकिन लंबे अरसे बाद अब डीएवी पीजी कॉलेज कैंपस में स्मार्ट लाइब्रेरी तैयार हो गई है।

 

 

वाईफाई युक्त लाइब्रेरी मे दस से बारह कंप्यूटर से सुसज्जित है और आने वाले समय में इस लाइब्रेरी में 70 से अधिक कंप्यूटर लगने जा रहे हैं। कॉलेज की छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया कि समय-समय पर केम्पस में लाइब्रेरी के निर्माण को लेकर छात्र संघ संघर्षरत रहा है। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी निर्माण के लिए कार्यवाही संस्था पीडब्ल्यूडी थी, लोनिवि के ठेकेदार ने पुरानी लाइब्रेरी की छत पर लगी जर्जर लकड़ियों को हटाए बगैर काम शुरू कर दिया था जिसका छात्र संघ ने कड़ा विरोध किया था। लंबे संघर्ष के बाद इस लाइब्रेरी का काम छात्र संघ और कॉलेज प्रशासन की देखरेख में करवाया गया। सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि डीएवी पीजी कॉलेज में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे इतने सक्षम नहीं होते हैं कि वह निजी पुस्तकालयों की फीस हर माह चुका पाएं। इसलिए निजी लाइब्रेरी की तर्ज़ पर कॉलेज की लाइब्रेरी को भी सभी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, ताकि गरीब तबके का छात्र यहां हर तरह की सुविधा निशुल्क ले सके। उन्होंने कालेज के छात्र और छात्राओं को इस मौके पर हार्दिक शुभकामनाएं दी है।

सिद्धार्थ अग्रवाल डीएवीपीजी कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष

इधर कॉलेज के प्रिंसिपल कौशल कुमार ने भी छात्र संघ की प्रशंसा की है। उन्होंने इस कार्यक्रम का क्रेडिट छात्रसंघ पदाधिकारियों और सभी छात्र नेताओं को दिया है। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में 21 कंप्यूटर सोमवार को लगा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर स्मार्ट लाइब्रेरी बनने से यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य सुधरेगा।

 

 

 

 

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