पोस्टर वार और पब्लिक की नाराजगी : श्री अनूप नौटियाल.

पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड में एक नया ट्रैंड शुरू हुआ है। अब पब्लिक में आम लोग अपने अपने शहरों की प्रॉब्लम को लेकर अलग अलग पोस्टर बना रहे हैं , पब्लिक इनको शेयर कर रही है, अपनी भड़ास निकल रही है। इसलिए ये पोस्टर इंस्टाग्राम, सोशल मीडिया और वॉट्सएप ग्रुप्स में वायरल हो रहे हैं।
ये ट्रैंड सबसे पहले 2040 के नैनीताल की परिकल्पना के पोस्टर से शुरू हुआ। उसके बाद मसूरी के कुछ पोस्टर जामसूरी के नाम से सामने आए। अब देहरादून की बारी है।

उत्तराखंड में अगले डेढ़ साल में विधान सभा चुनाव होने हैं। प्रदेश में पहले की तुलना में ट्रैफिक, कचरे, बेलगाम हो चुके पर्यटन, मौसम की मार और बेतहाशा पेड़ कटान जैसे मुद्दों को लेकर समाज के एक बहुत बड़े वर्ग में नाराजगी बढ़ी है। इसमें सबसे प्रमुख भूमिका युवाओं की है। सत्ताधारी दल के लिए ये मुद्दे चिन्ता के सबब होने चाहिए।
आने वाले दिन दिलचस्प होंगे। इन मुद्दों पर पब्लिक की नाराजगी और सामने आएगी। रूलिंग पार्टी कुछ कुछ कहेगी। विपक्ष इन मुद्दों को लपकेगा। नए दलों और छोटे दलों को समय लगेगा लेकिन वो भी स्वीकारेंगे की पब्लिक अब इन मुद्दों पर बात भी करेगी और वोट भी देगी। ऐसे पोस्टर बिखरते, बिलखते हुए उत्तराखंड में संवाद का एक नया माध्यम बनते हुए बदलाव की एक छोटी सी उम्मीद जता रहे हैं। देखते हैं आगे ये क्या क्या गुल खिलाते हैं।

