EDUCATIONUttarakhand Ayurved University

आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में छात्रों का उग्र प्रदर्शन जारी, प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश

देहरादून: आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में छात्रों का उग्र प्रदर्शन जारी, प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश

 

देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में बीएएमएस छात्रों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। 2019 से 2022 बैच के सैकड़ों छात्र सुबह से ही विश्वविद्यालय गेट पर डटे रहे। छात्रों का आरोप है कि उनकी मांगों को लेकर अब तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं। 

छात्रों ने बताया कि बीते तीन दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से न तो कोई सुनवाई हुई और न ही समाधान की कोई पहल। इस लापरवाही के चलते कई छात्र तनाव में आकर बीमार पड़ गए, कुछ को अस्पताल तक ले जाना पड़ा। कई छात्र तो निराश होकर विरोध छोड़कर अपने घर वापस लौट चुके हैं। और अब ये हालात पर आ गए बच्चे सुसाइड करने को भी तैयार हो गए है इतना मेंटली तनाव दिया जा रहा कॉलेज और यूनिवर्सिटी से प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ कहा है कि अगर अब भी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं। इसके लिए पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित कॉलेजों की होगी।

छात्रों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं, परीक्षा परिणाम महीनों से लंबित हैं और शैक्षणिक सत्र का कोई ठिकाना नहीं। इससे उनका पूरा करियर अधर में लटक गया है।

 

छात्रों की प्रमुख मांगें:

 

* सभी लंबित परीक्षाएं तत्काल कराई जाएं

* रुके हुए परीक्षा परिणाम जल्द घोषित किए जाएं

* शैक्षणिक सत्र को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए

* छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए

 

छात्रों का कहना है कि अब यह आर-पार की लड़ाई है। अगर प्रशासन अब भी मौन रहा, तो बच्चे परेशान होके कुछ भी कदम उठाते है तो उसका जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी और कॉलेज वाले होगे |

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *