प्राकृतिक एवं पर्यावरण को समर्पित लोकपर्व हरेला पर्व के अवसर पर वन विभाग, उत्तराखंड द्वारा एक भव्य कार्यक्रम देहरादून में आयोजित किया गया है..
आज दिनक 16 जुलाई को प्राकृतिक एवं पर्यावरण को समर्पित लोकपर्व हरेला पर्व के अवसर पर वन विभाग, उत्तराखंड द्वारा एक भव्य कार्यक्रम गोरखा मिलिट्री इंटरमीडिएट कॉलेज ,गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित किया गया है कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी, विशिष्ठ अतिथि माननीय वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कैबिनेट मंत्री एवं विधायक मसूरी श्री गणेश जोशी जी के द्वारा की गयी ..

कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा विधिवत पूजन के उपरांत आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ माँ के नाम” और “हरेला का त्योहार मनाओ, धरती माँ का ऋण चुकाओ” अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पौधारोपण किया गया । इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड की हरित सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति प्रेम, और पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य की गहरी प्रतिबद्धता को दोहराया , इसके पश्चात वन विभाग और विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन कियाI माननीय मुख्यमंत्री जी के साथ-साथ माननीय वन मंत्री जी, विधायकगण’ उपस्थित गणमान्यों तथा अन्य अधिकारीयों व स्कूलों के बच्चों के द्वारा भी पौधरोपण में बढ़चढ कर भाग लिया गया I माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए वक्तव्य केअनुसार विभिन्न

कार्यक्रमों के दौरान अतिथियों के स्वागत में बूके के स्थान पर किताब (बुक) देने की परम्परा का शुभारम्भ करते हुए वन विभाग, उत्तराखण्ड के द्वारा मा० मुख्यमंत्री जी के साथ-साथ सभी अतिथियों का स्वागत किताबों तथा फलदार पौध देकर किया गया, जिसकी मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा भरपूर सराहना की गयी कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों से आये हुए सैकड़ों बच्चों के द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमे उनके द्वारा अतिथिगणों के स्वागत में स्वागत गाना गाया I
वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा उत्तराखंड वन विभाग के 24 क्षेत्रीय प्रभागों हेतु वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड ( Forest Soil Health Card) तैयार किये गए हैं जिसके अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पहला वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड ( Forest Soil Health Card) प्रभागीय वनाधिकारी, देहरादून वन प्रभाग श्री नीरज कुमार को अपने करकमलों के द्वारा सौंपा गया, उक्त वन मृदा स्वास्थ्य कार्ड ( Forest Soil Health Card) से वृक्षारोपण के दौरान उचित लक्ष्य प्राप्त करने मे सहयोग प्राप्त होगा I
माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा अपने अभिभाषण के दौरान कहा कि लोकपर्व हरेला देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक है, जो समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है । हरेला सिर्फ एक पर्व नहीं बल्कि उत्तराखंड की माटी से जुड़ा भाव और हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए हमने इस हरेला पर्व पर वृहद स्तर पर पौधारोपण का संकल्प लिया है। हमारा प्रयास है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ और हरित पर्यावरण का उपहार दें। आप सभी से निवेदन है कि इस हरेला पर्व पर पौधारोपण करें और उसके संरक्षण का भी संकल्प लें। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए इस पर्व को ‘हरेला का त्योहार मनाओ, धरती माँ का ऋण चुकाओ’ की थीम पर मनाया । इस संकल्प के साथ हरेला पर्व पर पूरे उत्तराखंड में 7 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री जी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं के उत्साह की भूरी-भूरी प्रशंसा की और सभी प्रदेशवासियों से हरेला पर्व को जनांदोलन के रूप में मनाने का आह्वान किया ।

माननीय वन मंत्री जी श्री सुबोध उनियाल जी के द्वारा बताया गया की आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किया गया “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान न केवल मातृभूमि के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह पर्यावरण चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का एक प्रभावशाली प्रयास भी है । प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से आज हरेला पर्व के अवसर पर हमने वन विभाग के माध्यम से एक करोड़ पौधे रोपित करने का लक्ष्य तय किया है। सिर्फ पौधारोपण ही नहीं, बल्कि GIS तकनीक के माध्यम से इन वृक्षों की नियमित निगरानी और देखभाल की व्यवस्था कर उन्हें जीवंत रखने का संकल्प भी लिया गया है । यह एक ऐसी तकनीकी पहल है जो भविष्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा को नया आयाम देगी। इस नवाचार से वृक्षारोपण का सर्वाइवल रेट (जीवित रहने की दर) बढ़ेगा तथा हम पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। आइए, इस हरेला पर्व पर हम सब मिलकर संकल्प लें — न केवल पौधे लगाने का, बल्कि उन्हें संरक्षित करने का भी, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ, हरित एवं संतुलित पर्यावरण प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के दौरान अपने अभिभाषण में माननीय कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी जी के द्वारा ‘हरेला का त्योहार मनाओ, धरती माँ का ऋण चुकाओ’ अभियान में सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ में श्री आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव, वन एवं पर्यावरण के द्वारा अपने सम्बोधन के अंतर्गत राज्यभर मे हरेला पर्व के महत्व तथा हरेला पर्व के अंतर्गत किये जा रहे विभिन्न कार्यों के संबंध में अवगत कराया गया ।
कार्यक्रम के अंत में प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) डा0 समीर सिन्हा, के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय वन मंत्री जी, विधायकगण उपस्थित गणमान्यों तथा अन्य अधिकारीयों व विद्यालयों से आए छात्र-छात्राएं, एनएसएस, एनसीसी कैडेट्स, पर्यावरण प्रेमी नागरिक, एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों का कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्तिथि हेतु धन्यवाद् ज्ञापित किया गया ।
पौधरोपण के साथ-साथ GPS तकनीक के माध्यम से वृक्षों की निगरानी एवं दीर्घकालिक देखभाल की भी योजना बनाई गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक रोपे गए पौधे सजीव और फलदायी वृक्षों में परिवर्तित हों ।
कार्यक्रम में विभिन्न औषधीय एवं फलदार प्रजाति रुद्राक्ष के 10 , बेलपत्र के 10, आम के 30, अमरुद के 30, आंवला के 40, जम्मुन के 20, हरड़ के 30,बहेड़ा के 10,नाशपाती के 20 के 200 पौधों का रोपण किया गया ।
विशिष्ट उपस्थिति:
कार्यक्रम में राज्य के अनेक गणमान्य अतिथि एवं अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से माननीय कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी, श्री कुलदीप कुमार, मा॰ राज्यमंत्री, मा॰ राज्यमंत्री, अध्यक्ष, वन पंचायत, उत्तराखण्ड, महापौर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, राजपुर विधायक श्री खजानदास, कैंट विधायक श्रीमती सविता कपूर, मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव, वन श्री आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (HoFF) डा0 समीर सिन्हा, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत पर्यावरणविद्, श्री बी0पी0 गुप्ता, प्रमुख वन संरक्षक, वन पंचायत/प्रशासन, उत्तराखण्ड, श्री जी. एस. पाण्डे, प्रमुख वन संरक्षक/प्रबन्ध निदेशक, वन विकास निगम, श्री आर0के0 मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक, वन्यजीव/मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखण्ड, श्री एस0पी0 सुबुद्वि प्रमुख वन संरक्षक, निदेशक राज्य पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय, श्री विवेक पाण्डे अपर प्रमुख वन संरक्षक (प्रशासन) वन्यजीव, श्री नरेश कुमार, अपर प्रमुख वन संरक्षक, गढ़वाल, श्रीमती मीनाक्षी जोशी अपर प्रमुख वन संरक्षक, मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक प्रबन्धन, उत्तराखण्ड, श्री सुशान्त पटनायक, मुख्य वन संरक्षक, परियोजनाएं एवं सामुदायिक वानिकी, डा0 पराग मधुकर धकाते, मु॰व॰सं॰, वन पंचायत एवं सामुदायिक वानिकी/सदस्य सचिव, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्री पी0 के0 पात्रो, मुख्य वन संरक्षक, ईको-टूरिज्म/एवं परियोजना निदेशक, जायका परियोजना, श्री राहुल मुख्य वन संरक्षक, अनुश्रवण मूल्यांकन, आई0टी0 एवं आधुनिकीकरण / वनाग्नि एवं आपदा प्रबन्धन, उत्तराखण्ड, श्री राजीव धीमान, वन संरक्षक, शिवालिक वृत्त, उत्तराखण्ड, श्री धर्म सिंह मीणा, वन संरक्षक, भागीरथी वृत्त उत्तराखण्ड, श्री नीतीश मणि त्रिपाठी, सदस्य सचिव, जैव विविधता बोर्ड उत्तराखण्ड तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर विद्यालयों से आए छात्र-छात्राएं, एनएसएस, एनसीसी कैडेट्स, पर्यावरण प्रेमी नागरिक, एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण में भागीदारी की ।
