माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में आंदोलनरत चयनित एलटी अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना
देहरादून: उत्तराखंड में बीते कई महीनों से एलटी चयनित अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग सरकार से कर रहे हैं. अपनी मांग को लेकर एलटी अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय में धरने पर डटे हैं. आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा धरना दे रहे चयनित अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे और उन्हें अपना समर्थन दिया. उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी नियुक्ति के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.
सरकार और सरकारी सिस्टम का उदासीन रवैया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यूकेएसएसएससी की परीक्षा पास करने के बावजूद पिछले 6 महीनों से राज्य के शिक्षित 1352 अभ्यर्थी अपना नियुक्ति पत्र लेने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं, लेकिन सरकार और सरकारी सिस्टम उनकी समस्या के समाधान प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं. जिसके कारण आज इतनी बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे भीगते हुए चयनित अभ्यर्थियों को सड़क पर धरने में बैठना पड़ रहा है.
अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे एलटी चयनित अभ्यर्थी: करन माहरा ने उन्हें आश्वासन दिया कि वो उनकी समस्या के समाधान के लिए हर तरह के प्रयास करेंगे. माहरा ने कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है. कोरोनाकाल में जिन कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की, उनके ऊपर फूलों की वर्षा की गई, लेकिन जैसे ही कोरोना के मामले कम हुए, उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. उसी तरह बीते 5 महीनों से एलटी चयनित अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और सड़क पर बैठने को मजबूर हैं.
सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट में नहीं रखा पक्ष: उन्होंने कहा कि सरकार के मुख्य अधिवक्ता को कोर्ट में इनका पक्ष रखना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उनका कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और मुख्य सचिव से मिलकर यह आग्रह किया जाएगा कि मुख्य अधिवक्ता को स्पेशली यह कहा जाए कि इस केस को देखें. ताकि, चयनित अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान हो सके.
