“सैन्य परिवारों को मिली सौगातों की बौछार” सीएम धामी ने शहीदों को किया नमन
देहरादून, कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को अनगिनत वीर सपूत दिए हैं, जिनकी शौर्यगाथा सदैव अमर रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेनाओं का मनोबल अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है और सेना को अत्याधुनिक हथियारों एवं तकनीकों से सुसज्जित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। देहरादून में भव्य शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जिसमें प्रदेश की 28 पवित्र नदियों का जल और शहीदों के घरों की मिट्टी को समाहित किया गया है।
राज्य सरकार ने शहीद परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी है। परमवीर चक्र विजेताओं को दी जाने वाली अनुग्रह राशि अब ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ की गई है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को मिलने वाली एकमुश्त और वार्षिक धनराशि में भी वृद्धि की गई है।
पूर्व सैनिक वीरांगनाओं और उनकी पुत्रियों को ड्रोन ऑपरेशन का प्रशिक्षण देने हेतु “ड्रोन दीदी” योजना की शुरुआत की गई है। इसके अतिरिक्त, 60 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों को बद्रीनाथ धाम की निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा रहा है, जिसकी आवेदन अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया है। अब तक 37 आश्रितों को नौकरी दी जा चुकी है।
धामी सरकार अग्निवीरों को पुलिस, परिवहन, वन एवं अन्य विभागों में 10% क्षैतिज आरक्षण देने की दिशा में भी अग्रसर है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को उत्तराखंड रोडवेज में निःशुल्क यात्रा सुविधा तथा ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25% की छूट भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए मात्र चार दिनों में पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, जिससे स्पष्ट संदेश गया कि भारत अपनी बेटियों के सिंदूर की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि अब तक उत्तराखंड के 1831 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें से 1528 को वीरता पुरस्कार प्राप्त हुए हैं और 344 जवानों को विशिष्ट सेवा पदक भी मिले हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी विनोद उनियाल, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), ब्रिगेडियर अमृत लाल (से.नि), ब्रिगेडियर जे.एस. बिष्ट (से.नि), ब्रिगेडियर के.जी. बहल (से.नि), जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह समेत कई सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक एवं शहीद परिवारजन उपस्थित रहे।

