सैनिकों का सम्मान वर्ष के 365 दिन होना चाहिए : ऋतु खण्डूडी भूषण
“गढ़वाल वीरता सम्मान 2025” कार्यक्रम में आज विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर अमर उजाला समूह द्वारा उन वीर सैनिकों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित किया है। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में राष्ट्ररक्षकों के योगदान को जन-जन तक पहुँचाना और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा—
“मैं आज यहाँ एक सैनिक परिवार की सदस्य के रूप में आई हूँ। 1971 की जंग के समय मैं बहुत छोटी थी, लेकिन उस युद्ध का दृश्य आज भी मेरे मस्तिष्क पर अंकित है। जब कोई सैनिक शहीद होता है, तो उसके परिवार पर क्या गुजरती है, यह पीड़ा सैनिक परिवार से बढ़कर कोई नहीं समझ सकता। एक सैनिक 18 वर्ष की आयु में ही देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने को तैयार रहता है। इसलिए सैनिकों के सम्मान का कोई एक-दो दिन तय नहीं होना चाहिए, बल्कि साल के 365 दिन उनके प्रति आदर और कृतज्ञता हमारे हृदय में होनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा—
“आज हम, हमारा समाज और देश चैन की नींद सोता है तो सिर्फ इसलिए क्योंकि हमारी सीमाओं पर डटे वीर सैनिक हर पल हमारी रक्षा कर रहे हैं। इसलिए मैं इन वीर सैनिकों और उनके परिवारों को शत-शत नमन करती हूँ।”
अपने पिता मेजर जनरल बी.सी. खण्डूडी का उल्लेख करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा—
“मेरे पिता ने देश के लिए तीन जंग लड़ीं और श्रीलंका में हुए ऑपरेशन का भी नेतृत्व किया। इसीलिए आज हमारा प्रदेश सैनिकों और उनके परिवारों को इतना सम्मान देता है।”
विधानसभा अध्यक्ष ने अमर उजाला के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि—
“ऐसे कार्यक्रम सिर्फ शहीद परिवारों का सम्मान ही नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश भी देते हैं कि सैनिकों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता और उनकी वीरता सदैव अमर रहती है।”
इस अवसर पर कार्यक्रम में कोटद्वार मेयर शैलेन्द्र रावत, ज़िला अध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, मंडल अध्यक्ष विकास दीप मित्तल, पूर्व जिला अध्यक्ष वीरेंद्र रावत, प्रोफेसर एन.के. सिंह, जयदेव राणा, मंडल अध्यक्ष एवं पार्षद प्रेमा खंतवाल, पार्षद उमेद सिंह नेगी, पार्षद सुभाष पांडे, अमित नेगी, हरि सिंह पुंडीर, कुलदीप रावत, गजेंद्र मोहन धसमाना, सौरभ नौटियाल, रजनीश बेबनी, सुरेंद्र बिजवान, मीनू डूबरियाल, गोपाल दत्त जखमोला, बबीता सिंह, महमूदा मुस्कान, अनिल नवानी, कमल नेगी, मोहनी काला नवानी, डॉ. पदमेश बुड़ाकोटी ने मंच संचालन किया, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

