आयुध निर्माणी रायपुर, देहरादून में फेडरेशन के आह्वान पर जबरदस्त प्रदर्शन
आयुध निर्माणी रायपुर (देहरादून), मुख्य द्वार पर फेडरेशन के आह्वान पर जबरदस्त प्रदर्शन गया..
आज आयुध निर्माणी रायपुर, देहरादून के मुख्य द्वार पर फेडरेशन के आह्वान पर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
ऑर्डनेंस फैक्ट्री के सभी कर्मचारी इस प्रदर्शन में सम्मिलित हुए..
कर्मचारियों का यह कहना था कि “हमें किसी भी प्रकार का विकल्प (Option) स्वीकार नहीं है।
हम जब तक कर्मचारि रिटायरमेंट नहीं हो जाते, तब तक सरकारी कर्मचारी ही रहेंगे।”
बता दे कि पूरे भारत में लगभग 41 ऑर्डनेंस फैक्ट्री है, जिसमें रक्षा उत्पादन से संबंधित इक्विपमेंट्स और अलग-अलग प्रकार के आर्म्स को बनाया जाता है, वर्तमान में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के निगमीकरण होने से इस प्रकार की कर्मचारियों पर पाबंदी लगाने की सरकार की योजना है..
भारत में पहले 41 आयुध निर्माणियां थीं, जिन्हें रक्षा मंत्रालय के 7 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) में पुनर्गठित कर दिया गया है। इसलिए, अब अलग से आयुध कारखाने नहीं हैं, बल्कि वे इन 7 कंपनियों के हिस्से हैं। 2021 के पुनर्गठन से पहले, 41 कारखाने थे, जो 24 अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे, लेकिन अब वे नई कंपनियों के रूप में काम करते हैं।
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पुनर्गठन से पहले:
पहले भारत में 41 आयुध कारखाने थे, जो एक बड़े नेटवर्क के रूप में काम करते थे।
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पुनर्गठन के बाद:
1 अक्टूबर 2021 से इन 41 कारखानों को 7 नई कंपनियों में मिला दिया गया है। ये कंपनियां अब सरकार के अधीन काम करती हैं और पूर्व आयुध कारखानों की सभी गतिविधियों का प्रबंधन करती हैं।
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वर्तमान स्थिति:आज कोई भी अलग आयुध कारखाना मौजूद नहीं है। बल्कि, 41 पुरानी इकाइयों को नई 7 कंपनियों के बीच बांट दिया गया है।
- 2021 में, भारत सरकार ने 41 आयुध कारखानों के कार्यों को सात डीपीएसयू में एकीकृत कर दिया।
- यह आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) को भंग करने के बाद हुआ, जो लगभग 220 वर्षों से कार्य कर रहा था।
- इस पुनर्गठन का उद्देश्य आयुध कारखानों के संचालन को और अधिक कुशल बनाना है, क्योंकि कुछ कारखाने अन्य के लिए इनपुट के रूप में काम करते हैं।
पुनर्गठित आयुध कारखानों के सात डीपीएसयू इस प्रकार हैं:
- म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (MIL)
- इंडियन डिफेन्स सप्लाई लिमिटेड (IDSL)
- एडवांस्ड वेहिकल्स इंडिया लिमिटेड (AVNL)
- एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)
- आयुध उपकरण लिमिटेड (YIL)
- ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स एंड पीसी लिमिटेड
- पैराशूट लिमिटेड
- यह पुनर्गठन भारतीय आयुध कारखानों को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाने के लिए किया गया है।
- यह इन कारखानों के कामकाज में कॉर्पोरेट ढांचे और व्यावसायिक स्वतंत्रता लाएगा।
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कॉरपोरेटाइजेशन का विरोध:
कर्मचारी सरकार के ऑर्डनेंस फ़ैक्टरियों को कॉर्पोरेट सेक्टर में बांटने के फ़ैसले से सहमत नहीं थे, जिसे डीपीएसयू (रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) में बदला गया।
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वेतन और पेंशन पर असर:
यूनियनों ने कहा कि इस बदलाव से कर्मचारियों के वेतन में कमी आएगी, पेंशन की सुविधा खत्म होगी और नौकरियों पर भी खतरा पैदा होगा।
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सरकारी नीतियों का विरोध:
कर्मचारियों का मानना था कि सरकार सुरक्षा संस्थानों का निजीकरण कर रही है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।
OFB का डीपीएसयू में परिवर्तन
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2021 में भंग:1 अक्टूबर, 2021 से रक्षा मंत्रालय ने ऑर्डनेंस फ़ैक्टरी बोर्ड (OFB) को भंग कर दिया।
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7 नई कंपनियों का गठन:OFB की 41 उत्पादन और गैर-उत्पादन इकाइयों को 7 नई सरकारी कंपनियों में बांटा गया, जैसे Munitions India Limited, Armoured Vehicles Nigam Limited आदि।
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कर्मचारियों का ट्रांसफर:OFB के सभी कर्मचारियों और एसेट्स को इन नई डीपीएसयू कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया।
वर्तमान स्थिति
- हालांकि OFB को भंग कर दिया गया है, लेकिन उसके बाद भी कर्मचारियों और प्रबंधन की चिंताओं को
- पर कर्मचारियों का ध्यान बना हुआ है।


