Special Task ForceSSP DehradunUttarakhand Subordinate Service Selection Commission ( UKSSSC )

उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा में परीक्षा में पास करवाने का प्रलोभन देने वाले गिरोह का उत्तराखण्ड पुलिस ने किया भण्डाफोड

यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उत्तराखंड पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में नकल गिरोह के सरगना हाकम सिंह रावत और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता और आईजी नीलेश आनंद भरणे ने ये जानकारी दी है.

UKSSSC जूनियर असिस्टेंट एडमिट कार्ड 2025 uksssc.co.in पर जारी, डाउनलोड लिंक

 

Uttarakhand STF's cyber crime unit among country's top three cyber units - Pioneer Edge | Uttarakhand News in English | Dehradun News Today| News Uttarakhand | Uttarakhand latest news

 

उत्तराखंड के 84 इनामी बदमाशों को तलाश रही एसटीएफ, इनमें शामिल है 23 साल से फरार बदमाश - STF is looking for 84 prize criminal of Uttarakhand

अभ्यर्थियों से मांगे 15-15 लाख रुपए: आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि सुबह से ही गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी. सरगना आगामी परीक्षा में नकल कराने के लिए 6 अभ्यर्थियों से 15-15 लाख रुपए की मांग कर रहा था. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने जाल बिछाया और गिरोह के सरगना को उसके सहयोगी के साथ दबोच लिया. मास्टरमाइंड हाकम सिंह पहले भी इसी तरह के धोखाधड़ी के मामलों में जेल की हवा खा चुका है.

 

 

 

 

HAKAM SINGH ARREST

 

वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड एसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर और देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि आरोपियों यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा को पास कराने का प्रलोभन देकर अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपए की मांग की थी. आरोपियों ने बड़े ही शातिराना तरीके से अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया था. ‘यदि अभ्यर्थियों का खुद चयन हो जाता तो वो पैसे खुद हड़प लेते. अगर अभ्यर्थी परीक्षा में सफल नहीं होते तो आगे की परीक्षा में पैसों को एडजस्ट करने के नाम पर अपने झांसे में लेने की योजना थी.‘ पूरे मामले की जांच में परीक्षा की सुचिता और गोपनीयता भंग होने का कोई संशय नहीं हैं.

21 सितंबर को होनी है UKSSSC स्नातक स्तरीय परीक्षा: बता दें कि 21 सितंबर को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की तरफ से अलग-अलग विभागों की स्नातक स्तरीय पदों के लिए लिखित प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कराई जा रही है. परीक्षा में नकल माफियाओं के सक्रिय होने की आशंका को देखते हुए पुलिस पहले से ही अलर्ट थी. देहरादून पुलिस और एसटीएफ संयुक्त रूप से संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रख रही है. ऐसे में पुलिस को दो दिन पहले ही गोपनीय सूचना मिली कि परीक्षा के लिए कुछ लोगों बड़ा खेल करने की तैयारी में है.

पुलिस के मुताबिक, ये गिरोह अभ्यर्थियों को धोखा देने की नीयत से उन्हें परीक्षा में पास करने का प्रलोभन देकर मोटी धनराशि की मांग रहा था. पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए अपना जाल बिछाया. तभी पुलिस को पकंज गौड़ नाम के एक अभ्यर्थी का हाकम सिंह के संपर्क में होने की जानकारी मिली. पकंज गौड़ ने अन्य अभ्यर्थियों से बात की थी और उन्हें परीक्षा में पास कराने के एवज में 12 से 15 लाख रुपए की मांगे थे.

पटेलनगर क्षेत्र से हाकम सिंह रावत और पंकज गौड़ गिरफ्तार: इसी आधार पर पुलिस ने हाकम सिंह रावत निवासी उत्तरकाशी और पंकज गौड़ निवासी उत्तरकाशी को पटेलनगर क्षेत्र से हिरासत में लिया. दोनों के खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित संसाधनों की रोकथाम एवं रोकथाम के उपाय) अध्यादेश 2023 के तहत निरीक्षक मुकेश त्यागी प्रभारी एसओजी ने मुकदमा पंजीकृत कराया है.

“आरोपियों ने अभ्यर्थियों को धोखा देने की नीयत से परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन देकर पैसों की मांग की थी. यदि परीक्षार्थियों का परीक्षा में चयन खुद हो जाता तो आरोपियों पैसे को अपने पास खुद रख लेते. वहीं, अभ्यर्थियों का चयन न होने की दशा में आरोपियों की ओर से उस पैसे को आगे की परीक्षाओं में एडजस्ट करने के नाम उन्हें अपने झांसे में लेने की योजना थी.”- नवनीत भुल्लर, एसएसपी एसटीएफ, उत्तराखंड

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *