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बंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को प्रदेश भर मे जन सहभागिता के साथ मनाएगी भाजपा

बंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को प्रदेश भर मे जन सहभागिता के साथ मनाएगी भाजपा

 

 

देहरादून 5 नवंबर। भाजपा राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने को प्रदेश भर में जनसहभागिता के साथ व्यापक स्वरूप में मनाने जा रही है। जिसके तहत मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में सभी शिक्षण एवं सरकारी संस्थानों और विधानसभा स्तर पर मूल स्वरूप में वंदेमातरम गायन किया जाएगा। इसका उद्देश्य वंदे मातरम में निहित प्रबल राष्ट्रीय भावना और इसके प्रेरक प्रभाव को प्रतिध्वनित कर राष्ट्रभक्ति की अलख जगाना है।

 

राष्ट्र भक्ति का उद्घोष: भाजपा 7 नवंबर को मनाएगी 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ, प्रदेश भर में होंगे भव्य कार्यक्रम | BJP Celebrate 150th Anniversary of 'Vande ...

आगामी 7 से 26 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान के समन्वय हेतु प्रदेशाध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट द्वारा प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत को प्रदेश टोली में संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके सहयोग के लिए प्रदेश मंत्री श्री गौरव पाण्डे एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा श्री शंशाक रावत सह-संयोजक के रूप में कार्य देखेंगे। ये अभियान प्रदेश में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में उत्सव मनाने के क्रम में मनाया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए, इसके 150वें वर्ष के स्मरणार्थ राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

 

कार्यक्रम के संबंध मे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वंदे मातरम देशभर में विभाजन के विरोध में हुए आंदोलनों के दौरान वंदे मातरम् राष्ट्रवाद, एकता और ब्रिटिश शासन के विरूद्ध प्रतिरोध का सशक्त प्रतीक था। आज भी इसमें निहित प्रबल राष्ट्रीय भावना और इसके प्रेरक प्रभाव को फिर से भारतीय समाज में प्रतिध्वनित करने के उद्देश्य ये अभियान प्रदेश में भी विधानसभा स्तर पर चलाया जाएगा। ये स्वदेशी आंदोलन का वो प्रमुख नारा था जो बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह और सुभाषचंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों का भी प्रेरणास्रोत रहा। अभियान में सरकारी संस्थानों के अतिरिक्त पार्टी के सभी जिला कार्यालयों और संगठन के प्रत्येक कार्यक्रम में भी इसका मूल स्वरूप में सामूहिक गान किया जाएगा।

 

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“वंदे मातरम् @150” नाम से होने वाले अभियान के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों में 7 नवम्बर को गढ़वाल संभाग में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिह धामी की उपस्थिति में देहरादून स्थित पुलिस लाईन में सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। वहीं इसी दिन कुमांऊ संभाग में प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट की उपस्थिति में हल्द्वानी स्थित एम.बी.पी.जी. कॉलेज में सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन किया जायेगा। इसी क्रम में 8 नवम्बर से प्रदेश सरकार एवं शहरी-ग्रामीण स्थानीय निकाय, जैसे जिला पंचायत, ब्लॉक मुख्यालयों, नगर निगम, नगर पालिका पर ‘वंदे मातरम्’ मूल रूप में का सामूहिक वाचन करने के साथ स्वदेशी संकल्प लिया जायेगा। इसके अतिरिक्त सभी निजी व सरकारी महाविद्यालयों, विद्यालयों में 7 नवम्बर से संविधान दिवस 26 नवम्बर तक ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन हो तथा स्वदेशी संकल्प लिया जाएगा। वहीं सभी जिला मुख्यालयों में सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस बैंड द्वारा ‘वंदे मातरम्’ एवं अन्य देशभक्ति गीतों का वादन किया जाएगा।

 

 

 

अभियान के तहत, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों को “वंदे मातरम’ @150′ के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर का सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों से अधिक से अधिक जनजागरण किया जाएगा।

संगठन में 8 से 15 नवम्बर तक सभी जिला केंद्रों में सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन एवं सभा कार्यक्रम किए जाएंगे। इसी तरह प्रत्येक विधानसभा में सांसदों, विधायकों के नेतृत्व में एक कॉलेज कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में “वंदे मातरम् @150” विषय पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्तआनंदमठ और वंदे मातरम् के ऐतिहासिक एवं साहित्यिक पक्ष पर संगोष्ठियाँ आयोजित भी आयोजित की जाएंगी। वहीं विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ‘वंदे मातरम्@ 150 एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम विषय पर निबंध, चित्रकला एवं कविता आदि विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसी तरह युवाओं एवं इन्फ्लुएंसर्स को ‘वंदे मातरम्’ का वाचन या गायन करते हुए 30 सेकंड की रील या वीडियो बनाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए रील प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। इन कार्यकर्मों में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु MyGov पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही जिला केंद्रों पर प्रेस कॉन्फ्रेस और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान से संबंधित जानकारी और स्वतंत्रता के बाद तुष्टिकरण की राजनीति के कारण इस गीत को दरकिनार करने की कोशिशों को भी साझा किया जाएगा।

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