मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अधिकारियों को चेताया, स्लो प्रोजेक्ट्स पर तय होगी जवाबदेही
देहरादून।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश में धीमी गति से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाह्य सहायतित योजनाओं (ईएपी) सहित अन्य परियोजनाओं की धीमी प्रगति के लिए विभागाध्यक्ष एवं सचिव सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। 
गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय, सीएसएस योजनाएं, एसएएससीआई, एसएनए स्पर्श तथा विभागों की व्यय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उद्यान व कृषि विभाग मिलकर करें बड़े इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स तैयार
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान एवं कृषि विभाग को मिलकर बड़े एवं एकीकृत (इंटीग्रेटेड) प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने सेब, कीवी एवं ऐरोमा फसलों के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने फिशरीज के अंतर्गत ट्राउट उत्पादन के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार करने तथा इसके लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था को आवश्यक बताया। साथ ही पशुपालन और सहकारिता विभाग को मिलकर लाइवस्टॉक एवं फिशरीज पर इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट्स तैयार करने के निर्देश दिए।
प्रदेशभर में कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने एप्पल मिशन के तहत सेब उत्पादन बढ़ाने के लिए नर्सरी और कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने हेतु प्रभावी प्रोजेक्ट्स तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में आवश्यकता के अनुसार कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित की जाए, ताकि किसान अपने उत्पादों को सुरक्षित रखकर उचित समय पर बाजार में उतार सकें।
पीएमजीएसवाई के तहत भूमि मुआवजा इस वित्तीय वर्ष में हो पूर्ण
मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत लंबित भूमि मुआवजा वितरण को अभियान चलाकर शून्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को जिलावार डेटा उपलब्ध कराते हुए इस वित्तीय वर्ष में मुआवजा वितरण पूर्ण करने का लक्ष्य सौंपा।
साथ ही कृषि विभाग को चैन लिंक फेंसिंग से संबंधित प्रस्तावों की प्राथमिकता तय कर शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए।
सारा के तहत जल संरक्षण परियोजनाओं पर जोर
मुख्य सचिव ने स्प्रिंग एंड रिवर रेजूविनेशन अथॉरिटी (सारा) के अंतर्गत जल संरक्षण हेतु छोटे बैराज और चेक डैम के बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सारा के तहत प्राप्त फंड्स का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग को नए बस स्टेशनों एवं चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण में तेजी लाते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
30 जनवरी तक सभी प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को मार्च 2026 तक के लक्ष्य तत्काल वित्त विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने प्रस्ताव 30 जनवरी तक शासन को अनिवार्य रूप से भेजें।
उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा और कम प्रदर्शन करने वाले विभागों के फंड्स अच्छा प्रदर्शन करने वाले विभागों को स्थानांतरित किए जा सकते हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. अहमद इक़बाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
