Chardham Yatra 2026Uttrakhand

केदारनाथ–बद्रीनाथ में सख्त नियम: मोबाइल, फोटो-वीडियो पर पूर्ण प्रतिबंध

देहरादून, 17 मार्च:
आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस वर्ष यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल, बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) को खुलेंगे।

6 लाख से अधिक पंजीकरण
द्विवेदी ने बताया कि 6 मार्च से 16 मार्च के बीच दो सप्ताह में ही 6,17,853 से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ के लिए 2,06,622, बदरीनाथ के लिए 1,82,212, गंगोत्री के लिए 1,15,763 और यमुनोत्री के लिए 1,13,256 पंजीकरण शामिल हैं।

मोबाइल और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध
बीकेटीसी ने इस बार बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन, फोटो और वीडियो बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। मंदिर के 50–60 मीटर दायरे में मोबाइल निषेध रहेगा और इसके लिए सख्त SOP लागू की जाएगी।

बजट और व्यवस्थाएं
समिति ने यात्रा वर्ष 2026-27 के लिए 121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया है। इसमें बदरीनाथ धाम के लिए लगभग 57 करोड़ और केदारनाथ धाम के लिए 63 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यात्रा को सुचारू बनाने के लिए पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, आवास, दर्शन पंक्तियों की मरम्मत, ऑनलाइन पूजा व्यवस्था और ट्रांजिट कैंप (ऋषिकेश) में शिविर कार्यालय जैसी व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जा रही हैं।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ का गठन

मंदिर परिसर में व्यवस्था सुधार के लिए नई नीतियां लागू

गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया

ब्लॉगर्स और वीडियो क्रिएटर्स की भीड़ नियंत्रित करने के लिए सख्ती

शीतकालीन यात्रा के आंकड़े
धामों के कपाट बंद होने के बाद 16 मार्च 2026 तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शन कर चुके हैं।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर और सुव्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।