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दुष्यंत गौतम को मंच पर स्थान देने से CBI जांच की निष्पक्षता पर सवाल: गरिमा मेहरा दसौनी

दुष्यंत गौतम को मंच पर स्थान देने से CBI जांच की निष्पक्षता पर सवाल: गरिमा मेहरा दसौनी

देहरादून।
उत्तराखंड कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री Garima Mehra Dasauni ने भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी Dushyant Gautam पर लगे गंभीर आरोपों के बीच उन्हें भाजपा कार्यक्रमों में सम्मानित किए जाने और वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच साझा कराने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां पूरे मामले की जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती हैं।

दसौनी ने कहा कि जब किसी व्यक्ति पर इतने गंभीर आरोप लगे हों और उसी प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति की जा चुकी हो, तब नैतिकता की मांग है कि जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को सार्वजनिक गतिविधियों और पद की जिम्मेदारियों से दूर रखा जाए। लेकिन भाजपा इसके उलट व्यवहार कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हों, उसका सार्वजनिक मंचों पर फूल-मालाओं से स्वागत होना और सत्ता के शीर्ष नेताओं के साथ बैठकों में शामिल होना यह संकेत देता है कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय उसे सामान्य बनाने का प्रयास कर रही है। ऐसे माहौल में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर सीबीआई जांच की निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित होगी।

Garima Mehra Dasauni ने कहा कि भाजपा अक्सर नैतिकता, पारदर्शिता और “चाल, चरित्र और चेहरा” की बात करती है, लेकिन व्यवहार में इसका कोई प्रतिबिंब दिखाई नहीं देता। यदि भाजपा वास्तव में निष्पक्ष जांच चाहती है तो उसे तत्काल प्रभाव से Dushyant Gautam को उनके पद से हटाकर जांच पूरी होने तक संगठनात्मक और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रखना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देख रही है और प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि जब जांच चल रही है, तब ऐसे आरोपों से घिरे व्यक्ति को भाजपा क्यों संरक्षण दे रही है। उन्होंने मांग की कि मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो ताकि न्याय प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार का संदेह न रहे।