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डीएम सविन बंसल के निर्देश—हर गैस एजेंसी पर प्रशासन की नजर, होम डिलीवरी अनिवार्य; 5 मुकदमे दर्ज, 3 गिरफ्तार

देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी में लिप्त पाए जाने पर संबंधित एजेंसी स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल भेजा जाएगा।

कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने गैस आपूर्ति, वितरण और बैकलॉग की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए जिले की सभी गैस एजेंसियों पर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।

डीएम ने 25 हजार से अधिक मैन्युअल गैस वितरण की एंट्री को तत्काल ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में अपडेट करने के निर्देश दिए। साथ ही 25 दिन (शहरी) और 45 दिन (ग्रामीण) की एडवांस बुकिंग की अलग-अलग रिपोर्ट शाम तक प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित एजेंसियों और तेल कंपनियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि छापेमारी में पकड़े गए अवैध सिलेंडरों की एजेंसीवार पहचान कर संबंधित स्वामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

जिला प्रशासन की कार्रवाई के तहत अब तक गैस कालाबाजारी के मामलों में 5 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 3 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इसके अलावा 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक और 7 छोटे सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

डीएम ने स्पष्ट किया कि अब सभी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर केवल होम डिलीवरी के माध्यम से ओटीपी सत्यापन के बाद ही दिया जाएगा। एजेंसियों और गोदामों से सीधे सिलेंडर वितरण पर रोक लगाई गई है।

क्यूआरटी टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन गैस एजेंसियों के स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही उपभोक्ता जागरूकता के लिए एजेंसियों पर आवश्यक जानकारी प्रदर्शित करना भी अनिवार्य किया गया है।

जिला प्रशासन की इस सख्ती से गैस कालाबाजारी करने वालों में भय का माहौल है और एजेंसियों पर लगने वाली भीड़ में भी कमी आई है, जिससे कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है।

बैठक में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जिला पूर्ति विभाग, तेल कंपनियों के प्रतिनिधि और गैस एजेंसी संचालक उपस्थित रहे।