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“4 साल बेमिसाल नहीं, 4 साल बेहाल” — धामी सरकार पर कांग्रेस का बड़ा हमला


“4 साल बेमिसाल नहीं, 4 साल बेहाल” — धामी सरकार पर कांग्रेस का बड़ा हमला

**देहरादून:**
उत्तराखंड में धामी सरकार के चार साल पूरे होने पर “4 साल बेमिसाल” के दावों के बीच कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने सरकार के कार्यकाल को “4 साल बेहाल” करार दिया और कई गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह और एआईसीसी सचिव काजी निजामुद्दीन ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। उनका कहना है कि बजट का आकार बढ़ने के बावजूद राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है और केंद्र पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है।

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि जीएसटी प्रतिपूर्ति बंद होने और वित्तीय सहायता में अनिश्चितता के चलते राज्य के आय स्रोत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी चरम पर है, लाखों युवा रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं, जबकि सरकार रोजगार देने के दावे कर रही है।

उन्होंने कृषि क्षेत्र की गिरती स्थिति, महंगाई, डीजल और बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार को घेरा। साथ ही पलायन, बंद होते स्कूलों और खाली होते गांवों को सरकार की नीतियों की विफलता बताया।

कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, नमामि गंगे योजना और आपदा प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

वहीं काजी निजामुद्दीन ने राज्य के बजट को “नैरेटिव आधारित प्रेजेंटेशन” बताते हुए कहा कि बजट अनुमान और वास्तविक खर्च के बीच बड़ा अंतर है, जिससे सरकार की वित्तीय विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पूंजीगत निवेश सीमित है, जबकि राजस्व व्यय लगातार बढ़ रहा है।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी कमी है और सरकार घोषणाएं अधिक, लेकिन अमल कम कर रही है।

अंत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड को प्रचार नहीं, बल्कि पारदर्शी, जवाबदेह और मजबूत आर्थिक प्रबंधन की जरूरत है।