NationalWomen's Reservation Amendment Bill

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक लोकसभा में गिरा, जरूरी बहुमत से रह गया पीछे

नई दिल्ली | भारत केसरी
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ को झटका लगा है। सदन में हुए मत विभाजन के दौरान यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसके चलते यह पारित नहीं हो पाया।

मतदान के दौरान विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। हालांकि साधारण बहुमत तो मिला, लेकिन संविधान संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई समर्थन न मिलने के कारण विधेयक गिर गया।

यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित था, जिसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने का प्रस्ताव था।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक के पारित न होने के बाद इससे जुड़े अन्य प्रस्ताव—‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’—को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विधेयक के गिरने से महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को आगे किस रणनीति के साथ दोबारा पेश करती है।