महिला आरक्षण पर सियासत तेज, सीएम धामी का विपक्ष पर हमला—‘आधी आबादी के हक से किया अन्याय’
देहरादून | 19 अप्रैल 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के खिलाफ विपक्ष के रुख को लेकर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष द्वारा इस विधेयक का विरोध देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है और यह महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया, लेकिन कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इसे पारित होने से रोकने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की माताओं, बहनों और बेटियों को नीति-निर्माण में समान भागीदारी देने का ऐतिहासिक अवसर था। लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस महत्वपूर्ण पहल का विरोध किया।

सीएम धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने तकनीकी और प्रक्रियात्मक बहानों के जरिए इस प्रक्रिया को बाधित किया। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारों की लड़ाई में बाधा को जीत बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को अधिकार देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं के सशक्तिकरण और समान प्रतिनिधित्व के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संकल्प को हर हाल में पूरा किया जाएगा।
उन्होंने उत्तराखंड के संदर्भ में कहा कि राज्य के निर्माण और विकास में मातृशक्ति का योगदान अतुलनीय रहा है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता तो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और अधिक मजबूत होती।
इस दौरान पत्रकार वार्ता में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, विधायक सविता कपूर सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
