देहरादून में जनदर्शन: 239 शिकायतों पर सुनवाई, जरूरतमंदों को मौके पर राहत
देहरादून में जनदर्शन: 239 शिकायतों पर सुनवाई, जरूरतमंदों को मौके पर राहत
देहरादून, 20 अप्रैल 2026: भारत केसरी
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनदर्शन/जनता दरबार में 239 फरियादियों की समस्याओं पर सुनवाई की गई। भूमि विवाद, स्कूल फीस माफी, आर्थिक सहायता, बिजली-पानी बिल, राशन कार्ड और मुआवजा से जुड़े मामलों की भरमार रही। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जरूरतमंदों को तत्काल राहत
जनदर्शन में प्रशासन का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला। विधवा कनिष्का गर्ग का ₹47,230 हाउस टैक्स जिला प्रशासन ने जमा कराया। वहीं गरीब गंगा राम की पुत्री के विवाह के लिए ₹50 हजार की आर्थिक सहायता मौके पर स्वीकृत की गई।


*पानी बिल और अन्य मामलों में राहत
आर्थिक तंगी से जूझ रही 66 वर्षीय विधवा नीलम के ₹18,335 पानी के बिल में से ₹12,776 की राशि जिला प्रशासन द्वारा जमा कराने के निर्देश दिए गए, जबकि शेष राशि का सेटलमेंट किया गया।






‘नंदा-सुनंदा’ योजना से बेटियों को सहारा
प्रोजेक्ट “नंदा-सुनंदा” के तहत कई जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शिक्षा को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए गए। कैंसर पीड़ित धीरज रावत की बेटी सहित कई मामलों में फीस माफी और सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
रोजगार और शिक्षा पर विशेष फोकस
विधवा किरण धीमान को रोजगार उपलब्ध कराने और उनके बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए।
*कानूनी और सामाजिक मामलों में सख्ती
जरीना बानो को घर से बेदखल किए जाने के मामले में भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। भूमि धोखाधड़ी, अवैध कब्जा और राशन कार्ड जैसी समस्याओं पर भी अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।
*मुआवजा और अन्य शिकायतों पर निर्देश
लखवाड़ बांध प्रभावितों को मुआवजा न मिलने की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की कार्यशैली की सराहना
जनता दरबार में फ्रीडम फाइटर समिति की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा लाल ने जिलाधिकारी की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की और इसे प्रभावी पहल बताया।
देहरादून का जनदर्शन अब केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं, बल्कि त्वरित समाधान और जनविश्वास का मजबूत मंच बनता जा रहा है।
