उत्तराखंड में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ नागरिक अभियान शुरू, कानूनों के सख्त पालन की उठी मांग
उत्तराखंड में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ नागरिक अभियान शुरू, कानूनों के सख्त पालन की उठी मांग
देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ नागरिकों ने शनिवार को ‘उत्तराखंड अगेंस्ट नॉइज़ पॉल्यूशन’ अभियान की शुरुआत की। देहरादून प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी कार्रवाई और मौजूदा कानूनों के सख्त पालन की मांग की।

अभियान के संयोजक अनूप नौटियाल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, राज्यभर में स्थानीय चैप्टर बनाकर नागरिक आंदोलन खड़ा करना और होटल, रिसॉर्ट, रेस्तरां, पब, विवाह स्थल व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही पुलिस, नगर निकायों और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की जाएगी।
कार्यक्रम में कई स्थानीय नागरिकों और सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आरोप लगाया कि मसूरी रोड, मालसी और आसपास के क्षेत्रों में होटल, रिसॉर्ट, पब और निर्माण गतिविधियों से होने वाला अत्यधिक शोर उनके स्वास्थ्य, बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। कुछ वक्ताओं ने यह भी दावा किया कि लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
अभियान के दौरान कॉर्बेट में कुमाऊँ चैप्टर की भी शुरुआत की गई, जिसका नेतृत्व सुमंथा घोष करेंगे। अभियान से जुड़े लोगों ने उत्तराखंड के नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय चैप्टर बनाकर इस पहल से जुड़ने की अपील की।
आयोजकों का कहना है कि यह अभियान राज्यभर में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और उत्तराखंड को अधिक शांत, स्वस्थ एवं रहने योग्य बनाने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगा.
