देहरादून में फर्जी IPS अफसर गिरफ्तार, नौकरी और कंपनी रजिस्ट्रेशन के नाम पर लाखों की ठगी
देहरादून। एसएसपी देहरादून की सटीक रणनीति के तहत थाना राजपुर पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रॉ एजेंट और सीआरपीएफ अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से विभिन्न एजेंसियों के फर्जी आईडी कार्ड, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां, पुलिस-आर्मी के लोगो, वायरलेस सेट और लैपटॉप बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आर. यशोवर्धन (35) निवासी ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉलोनी, गढ़ी कैंट, देहरादून के रूप में हुई है। आरोपी एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी का पुत्र है और स्वयं आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखता था। यूपीएससी परीक्षा में असफल होने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
15 लाख और 4.60 लाख की ठगी
पहले मामले में 8 जुलाई को डाकरा निवासी अंशुल उपाध्याय ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई कि यशोवर्धन ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का पंजीकरण कराने का झांसा दिया और 15 लाख रुपये की ठगी कर ली।
दूसरे मामले में 15 जुलाई को कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 4.60 लाख रुपये हड़प लिए।
दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसएसपी के निर्देश पर थाना राजपुर पुलिस ने विशेष टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को सीएसआई तिराहा, मसूरी रोड से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
असफलता के बाद बनाया फर्जी अफसर का किरदार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बचपन से उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। कई वर्षों तक यूपीएससी की तैयारी करने के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर उसने फर्जी आईडी, विजिटिंग कार्ड और वर्दियां तैयार कर खुद को विभिन्न एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताना शुरू कर दिया। वह नौकरी दिलाने, टेंडर पास कराने और सरकारी कार्य जल्द कराने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था।
बरामद सामान
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:
- 5 फर्जी आईडी कार्ड
- 8 फर्जी विजिटिंग कार्ड
- पुलिस और सेना के 25 फर्जी लोगो
- आर्मी/पैरामिलिट्री की 3 जोड़ी वर्दी
- 3 फर्जी रिबन
- 1 वायरलेस सेट
- 1 लैपटॉप
बरामद किया है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके द्वारा की गई अन्य ठगी की घटनाओं और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी पहचान से जुड़े दस्तावेज और सामग्री उसने कहां से तैयार कराई तथा इस पूरे नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
