रेलवे में बढ़ती आउटसोर्सिंग पर AIRF का विरोध, 8वें वेतन आयोग और अप्रेंटिस भर्ती को लेकर उठाईं अहम मांगें
देहरादून। रेलवे में बढ़ती आउटसोर्सिंग, कर्मचारियों की कमी, 8वें वेतन आयोग और अप्रेंटिस भर्ती जैसे मुद्दों को लेकर ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे का बजट और आधारभूत ढांचा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या घटने से कार्य का दबाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर रेल सुरक्षा पर पड़ सकता है।

देहरादून में नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) मुरादाबाद मंडल के तीन दिवसीय ट्रेड यूनियन प्रशिक्षण शिविर के समापन पर पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि रेलवे में फिक्स टर्म रोजगार, ठेका व्यवस्था और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्याप्त प्रशिक्षण के बिना कर्मचारियों की नियुक्ति यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों दोनों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग और रेलवे सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अक्टूबर में दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रतिनिधि शामिल होकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
अप्रेंटिस भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग
शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि संगठन के लंबे संघर्ष के बाद रेल मंत्रालय ने रेलवे भर्तियों में अप्रेंटिस युवाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण और शारीरिक दक्षता परीक्षा में राहत जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब संगठन की मांग है कि आयु सीमा पार कर चुके प्रशिक्षित अप्रेंटिस अभ्यर्थियों को भी एक बार आयु सीमा में विशेष छूट दी जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्री इस पर सकारात्मक निर्णय लेंगे।
मुरादाबाद मंडल का होगा विस्तार
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की ओर विकसित हो रही नई रेल लाइन से मुरादाबाद मंडल का विस्तार होगा, जिससे कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। संगठन का उद्देश्य देशभर के रेल कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है।
8वें वेतन आयोग के सामने रखीं कई मांगें
AIRF महामंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में लगभग 5 लाख कर्मचारियों को कैडर रीस्ट्रक्चरिंग के तहत पदोन्नति दिलाई गई है। इसके अलावा कई कर्मचारियों को नई पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना का लाभ भी मिला है।
उन्होंने बताया कि 8वें वेतन आयोग के समक्ष बेहतर वेतनमान, भत्तों में सुधार, कार्य के घंटे कम करने, महिला कर्मचारियों के लिए दो वर्ष की चाइल्ड केयर लीव, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में मुरादाबाद मंडल की 18 शाखाओं के युवा संयोजकों ने हिस्सा लिया। शिविर में ट्रेड यूनियन आंदोलन, श्रम कानून, संगठन विस्तार, रेलवे कर्मचारियों के अधिकार, 8वें वेतन आयोग, यूपीएस, निजीकरण और आउटसोर्सिंग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। समापन अवसर पर शिव गोपाल मिश्रा ने युवा रेल कर्मचारियों से संगठन से जुड़कर कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
