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सीएचसी रायपुर में हाई-एंड कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन शुरू, गर्भवती महिलाओं समेत हजारों मरीजों को मिलेगा लाभ

देहरादून। राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर में नई हाई-एंड कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन का शुभारंभ किया गया। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन के सहयोग और ओएनजीसी के सीएसआर फंड से स्थापित इस अत्याधुनिक मशीन का उद्घाटन किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस आधुनिक मशीन से रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों और टिहरी के सीमावर्ती इलाकों के हजारों मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलेगी। इससे मरीजों को बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय व धन दोनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि मशीन गर्भावस्था संबंधी जांचों के अलावा विभिन्न आंतरिक रोगों के सटीक परीक्षण में भी उपयोगी होगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पीसी-पीएनडीटी अधिनियम का पूरी तरह पालन किया जाएगा और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने बताया कि सीएचसी रायपुर में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं और यह अस्पताल टिहरी के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए भी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। उन्होंने अस्पताल को 50 बेड तक विस्तारित करने की मांग रखी।

डॉक्टर बोलीं— अब बेहतर होगी गर्भावस्था की जांच

सीएचसी रायपुर की रेडियोलॉजिस्ट डॉ. गीतिका खंडूरी ने बताया कि पहले अस्पताल में केवल पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन थी, जिसकी रिजोल्यूशन सीमित थी। नई हाई-रेजोल्यूशन कलर डॉप्लर मशीन से अब मरीजों का अधिक सटीक परीक्षण किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। अब भ्रूण की वृद्धि (फीटल ग्रोथ), रक्त प्रवाह और संभावित जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सकेगा, जिससे गर्भावस्था के दौरान आवश्यक उपचार देकर स्वस्थ शिशु के जन्म की संभावना बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि सीएचसी में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच पहले की तरह निःशुल्क जारी रहेगी।

ONGC: 35 लाख की मशीन, उत्तराखंड में लगातार CSR निवेश

ओएनजीसी देहरादून के हेड कॉरपोरेट एडमिनिस्ट्रेशन एंड एचआर सर्विसेज नीरज शर्मा ने बताया कि लगभग 35 लाख रुपये की यह आधुनिक कलर डॉप्लर मशीन ओएनजीसी ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत उपलब्ध कराई है।

उन्होंने कहा कि नई मशीन की हाई-रेजोल्यूशन क्षमता के कारण अस्पताल में प्रतिदिन पहले की तुलना में अधिक अल्ट्रासाउंड जांच की जा सकेंगी। यह मशीन केवल प्रसूति जांच ही नहीं, बल्कि पेट, अग्न्याशय (पैंक्रियाज) और अन्य आंतरिक अंगों की जांच में भी काफी उपयोगी साबित होगी।

नीरज शर्मा ने बताया कि ओएनजीसी ने पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड में लगभग 250 करोड़ रुपये की सीएसआर परियोजनाएं संचालित की हैं। वहीं इस वर्ष के शुरुआती चार महीनों में ही राज्य में करीब 60 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ विद्यालयों का आधारभूत ढांचा, कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी शामिल हैं।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, सीएचसी रायपुर की प्रभारी डॉ. इंदु पाल, ओएनजीसी के अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।