हरेला पर्व पर गढ़वाली कॉलोनी में हुआ पौधारोपण, जनप्रतिनिधियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
देहरादून। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर वार्ड संख्या 64 स्थित गढ़वाली कॉलोनी में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरियाली को बढ़ावा देना तथा आमजन को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए और उन्हें संरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में माननीय महापौर श्री सौरभ थपलियाल, माननीय पार्षद श्रीमती सुशीला शर्मा तथा वार्ड संख्या 64 के भाजपा कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और यह प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
इस अवसर पर माननीय विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, महापौर श्री सौरभ थपलियाल, पार्षद श्रीमती सुशीला शर्मा एवं जिला संयोजक, गोरखा प्रकोष्ठ श्री पारस थापा ने वार्ड संख्या 64 के समस्त नागरिकों तथा प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने भी पौधारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सभी ने मिलकर हरेला पर्व को हरियाली, स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ मनाया तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेने और प्रदेश में अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
