मनोरमा डोबरियाल शर्मा मैमोरियल फाउंडेशन ने पौधे बांटकर मनाया हरेला महोत्सव
देहरादून, 16 जुलाई 2026। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मनोरमा डोबरियाल शर्मा मैमोरियल फाउंडेशन एवं काफल चैप्टर ऑफ गढ़वाल के संयुक्त तत्वावधान में श्री पंचायती मंदिर, गांधी रोड, देहरादून में हरेला महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हरियाली की पूजा-अर्चना की गई तथा उपस्थित लोगों को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित शशि बल्लभ शास्त्री द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान हरेला पर्व के सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
मुख्य अतिथि एवं कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम दो पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को हरेला जैसे लोकपर्वों के महत्व से अवगत कराना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पद्मश्री कन्हैया लाल पोखरियाल ने कहा कि उत्तराखंड की परंपराओं में हरेला का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि यहां बेटियों को मायके से खुशहाली और समृद्धि के प्रतीक के रूप में हरियाली भेजने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। भगवान शिव और माता पार्वती की लोक मान्यताओं से भी यह पर्व जुड़ा हुआ है, जो प्रकृति और जीवन के संतुलन का संदेश देता है।
प्रदेश कांग्रेस महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व मां नंदा देवी की परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है और हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सतत प्रयास करना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा।
मनोरमा डोबरियाल शर्मा मैमोरियल फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं काफल चैप्टर ऑफ गढ़वाल की संयोजक आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा ने सभी उपस्थित लोगों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हमारी साझा जिम्मेदारी है और इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
पूजा-अर्चना के उपरांत सभी श्रद्धालुओं एवं अतिथियों को पारंपरिक व्यंजन झंगोरे की खीर और मंडुवे की पकौड़ी प्रसाद के रूप में वितरित की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों को पौधे भी भेंट किए गए।
कार्यक्रम का संचालन मोहन सिंह नेगी ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रतिमा सिंह, विजय पाल चौहान, विनोद चौहान, पुष्पा पंवार, चंद्रकला नेगी, एस.पी.एस. चौहान, सूरज क्षेत्री, अनुराधा तिवारी, बबिता सिंह, अनारकली, कविता, माया, शीतल, नूरजहां, रेखा, मिन्नो, कमलेश, मोनिका, सुखी, अंकिता, सौरभ रावत, सुधीर कुमार, होरी लाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
