UTU पेपर लीक में बड़ा खुलासा: सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार, एनएसयूआई का विश्वविद्यालय में प्रदर्शन
देहरादून। भारत केसरी
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा में पेपर लीक मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर परीक्षा से पहले व्हाट्सएप ग्रुप और आंतरिक पोर्टल के माध्यम से छात्रों को प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते महत्वपूर्ण प्रश्न साझा कर परीक्षा की गोपनीयता भंग करने का आरोप है। वहीं, मामले को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस के अनुसार, वीर माधव सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की शिकायत पर प्रेमनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि विश्वविद्यालय को एक ई-मेल के जरिए सूचना मिली थी कि 3 जुलाई को शिवालिक कॉलेज के एक सहायक प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में महत्वपूर्ण प्रश्न साझा किए थे। परीक्षा संपन्न होने के बाद जब इन प्रश्नों का प्रश्नपत्र से मिलान किया गया तो उनमें काफी समानता पाई गई।
विश्वविद्यालय द्वारा गठित आंतरिक जांच समिति ने भी पाया कि आरोपी ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप के माध्यम से समान प्रश्न साझा किए थे। इसके आधार पर प्रेमनगर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 316, 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

दूसरी ओर, पेपर लीक की घटना के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों में देरी, कथित सॉफ्टवेयर घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की।
एनएसयूआई ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, छात्रों के हितों की रक्षा की जाए और विश्वविद्यालय में विशेष शिविर लगाकर छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

