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देहरादून कैंट में SIR प्रक्रिया पर AAP ने उठाए सवाल, 51,200 प्रभावित मतदाताओं के निष्पक्ष सत्यापन की मांग

देहरादून, 6 अगस्त। आम आदमी पार्टी (उत्तराखंड) ने देहरादून कैंट विधानसभा में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए प्रभावित मतदाताओं के निष्पक्ष सत्यापन और उनके मताधिकार की सुरक्षा की मांग की है।

पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नोडल ईआरओ हेमलता गौर और रमेश दत्त पाठक से मुलाकात कर 21-देहरादून कैंट विधानसभा की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में प्रभावित मतदाताओं का मुद्दा उठाया।

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51,200 मतदाता प्रभावित होने का दावा

शरद जैन ने कहा कि प्री-एसआईआर और 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के आधार पर अब तक 51,200 मतदाता प्रभावित हुए हैं। इनमें से 41,011 मतदाताओं को “अनुपस्थित (Absent)” अथवा “स्थायी रूप से स्थानांतरित (Shifted Permanent)” की श्रेणी में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए गंभीर विषय है और इसका व्यापक सत्यापन किया जाना चाहिए।

घर-घर सत्यापन और पात्र मतदाताओं की सुरक्षा की मांग

बैठक में आम आदमी पार्टी ने मांग की कि प्रभावित मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन कराया जाए तथा पर्याप्त जांच के बिना किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से न हटाया जाए।

पार्टी ने महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, नए मतदाताओं और अन्य कमजोर वर्गों के मताधिकार की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने की भी मांग की।

11 दस्तावेजों की शर्त पर भी जताई आपत्ति

शरद जैन ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा पात्रता के लिए मांगे जा रहे 11 दस्तावेज सभी मतदाताओं के पास उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अशिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए इन दस्तावेजों की व्यवस्था करना कठिन है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम होने का प्रमाण जुटाने का दायित्व मतदाताओं पर डालना उचित नहीं है। यदि किसी नागरिक ने वर्ष 2003 से 2022 तक लगातार मतदान किया है, तो संबंधित रिकॉर्ड की पुष्टि करना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

पैन, राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को भी मान्यता देने की मांग

आम आदमी पार्टी ने मांग की कि वर्तमान में निर्धारित 11 पात्रता दस्तावेजों के अतिरिक्त पैन कार्ड, राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को भी पहचान एवं निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाए, ताकि वास्तविक मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन

बैठक के दौरान नोडल अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रभावित श्रेणी के सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र मतदाता अपने संवैधानिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। अधिकारियों ने बताया कि 15 सितंबर 2026 तक सत्यापन प्रक्रिया काफी हद तक पूरी हो जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प

 

आम आदमी पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता है और प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी SIR प्रक्रिया पर लगातार नजर रखेगी और यदि किसी पात्र मतदाता के अधिकारों का हनन होता है तो उसके पक्ष में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक स्तर पर आवाज उठाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कोषाध्यक्ष शरद जैन, मीडिया प्रभारी विपिन खन्ना तथा कैंट विधानसभा अध्यक्ष वीर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।