उत्तराखंड कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: AICC ने कार्यकारिणी समेत पांच अहम समितियों का किया गठन, चुनावी तैयारियों को मिलेगी धार
देहरादून, 6 अगस्त। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के संगठनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद प्रदेश में कार्यकारिणी समिति (Executive Committee), घोषणापत्र समिति (Manifesto Committee), अनुशासन समिति (Disciplinary Committee), स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) समिति तथा चार्जशीट समिति (Chargesheet Committee) का गठन तत्काल प्रभाव से कर दिया गया है। इसकी जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।
नई समितियों के गठन को कांग्रेस की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, सरकार के खिलाफ मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और चुनावी तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से इन समितियों के माध्यम से काम करेगी
41 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का गठन
AICC ने प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण Executive Committee में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, विधायकों और संगठन से जुड़े अनुभवी नेताओं को शामिल किया है।
समिति में शामिल प्रमुख नेताओं में—
- गणेश गोदियाल
- यशपाल आर्य
- हरीश रावत
- प्रीतम सिंह
- गुरदीप सिंह सप्पल
- काजी निजामुद्दीन
- प्रकाश जोशी
- करण माहरा
- डॉ. हरक सिंह रावत
- भुवन चंद्र कापड़ी
- तिलकराज बेहड़
- मयुख महार
- ममता राकेश
- हरीश सिंह धामी
- मनोज तिवारी
- फुरकान अहमद
- विक्रम सिंह नेगी
- आदेश सिंह चौहान
- मदन सिंह बिष्ट
- गोपाल सिंह राणा
- खुशाल सिंह अधिकारी
- रवि बहादुर
- अनुपमा रावत
- सुतनीत हरदयेश
- वीरेंद्र सिंह जाटी
- लखपत सिंह बुटोला
- गोविंद सिंह कुंजवाल
- सुरेंद्र सिंह नेगी
- शूरवीर सिंह सजवाण
- मंत्री प्रसाद नैथानी
- नवप्रभात
- प्रदीप टम्टा
- महेंद्र पाल सिंह
- वीरेंद्र रावत
- ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी
- रणजीत रावत
- डॉ. जीत राम
- संजीव आर्य
- अर्येंद्र शर्मा
- सरोजनी कैंथुरा
- वैभव वालिया
को शामिल किया गया है। यह समिति प्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक और राजनीतिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
घोषणापत्र समिति की कमान भुवन कापड़ी को
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट और चुनावी घोषणापत्र को तैयार करने की जिम्मेदारी Manifesto Committee को सौंपी गई है।
समिति का गठन इस प्रकार किया गया है—
अध्यक्ष
- भुवन चंद्र कापड़ी
सदस्य
- डॉ. प्रेम बहुखंडी
- गुरदीप सिंह सप्पल
- सूर्यकांत धस्माना
- सुजाता पॉल
यह समिति प्रदेशभर से सुझाव लेकर कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र तैयार करेगी तथा विभिन्न वर्गों की अपेक्षाओं को उसमें शामिल करने का कार्य करेगी।
अनुशासन समिति की जिम्मेदारी विक्रम सिंह नेगी को
संगठन में अनुशासन बनाए रखने और पार्टी विरोधी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए Disciplinary Committee का गठन किया गया है।
अध्यक्ष
- विक्रम सिंह नेगी
सदस्य
- ललित फरस्वाण
- अनुपम शर्मा
- हेमा पुरोहित
- सी.पी. सिंह
यह समिति संगठनात्मक अनुशासन से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
SIR समिति करेगी मतदाता सूची पुनरीक्षण पर निगरानी
प्रदेश में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया को देखते हुए कांग्रेस ने अलग से SIR Committee का गठन किया है।
अध्यक्ष
- मनोज रावत
सदस्य
- अमरेंद्र बिष्ट
- एडवोकेट संदीप चमोली
यह समिति मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े मामलों की निगरानी करेगी और पार्टी की ओर से आवश्यक रणनीति तैयार करेगी।
सरकार के खिलाफ दस्तावेज तैयार करेगी चार्जशीट समिति
कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ विभिन्न जनहित के मुद्दों को व्यवस्थित ढंग से उठाने के उद्देश्य से Chargesheet Committee का भी गठन किया है।
अध्यक्ष
- करण माहरा
सदस्य
- मनोज रावत
- डॉ. प्रेम बहुखंडी
- डॉ. प्रतिमा सिंह
यह समिति सरकार के खिलाफ विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक दस्तावेज, रिपोर्ट और आरोप-पत्र तैयार करने का कार्य करेगी।
चुनावी तैयारियों को मिलेगी नई गति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन समितियों के गठन से कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का औपचारिक आगाज कर दिया है। एक ओर कार्यकारिणी समिति संगठनात्मक गतिविधियों को गति देगी, वहीं घोषणापत्र समिति जनता के मुद्दों को चुनावी एजेंडे में शामिल करेगी। अनुशासन समिति संगठन की आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करेगी, जबकि SIR समिति मतदाता सूची पुनरीक्षण पर नजर रखेगी। दूसरी ओर चार्जशीट समिति सरकार के खिलाफ जनहित से जुड़े मुद्दों को दस्तावेजी रूप में सामने लाने का काम करेगी।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इन समितियों के माध्यम से संगठन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और चुनावी दृष्टि से प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी मजबूती के साथ जनता के बीच अपनी बात रख सके।

