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शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर 73वें दिन भी धरना जारी, 16 अगस्त को शिक्षा मंत्री आवास घेराव का ऐलान

देहरादून। बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों की ओर से विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 73वें दिन भी जारी रहा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चांद पांडे समेत अन्य प्रशिक्षित बेरोजगार धरने पर बैठे हैं। वहीं, प्रशिक्षित बेरोजगारों का क्रमिक अनशन भी 58वें दिन में प्रवेश कर गया है।

BPEd Trained Unemployed Association

 

प्रशिक्षित बेरोजगारों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार से प्राथमिक विद्यालयों से लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शारीरिक शिक्षा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, लेकिन उत्तराखंड के विद्यालयों में अभी तक पर्याप्त संख्या में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा से संबंधित पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से सभी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।

‘ठोस निर्णय होने तक जारी रहेगा आंदोलन’

बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चांद पांडे ने कहा कि प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक के सभी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों के पदों पर जल्द नियुक्ति की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि पिछले 73 दिनों से धरना और 58 दिनों से क्रमिक अनशन चल रहा है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से मांग के समाधान को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

16 अगस्त को शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव

जगदीश चांद पांडे ने बताया कि 16 अगस्त को समस्त बेरोजगार संगठनों के बैनर तले प्रशिक्षित बेरोजगार अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखने के लिए शिक्षा मंत्री के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास का घेराव करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार को बेरोजगारों की मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।