हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर भव्य बनाने का ऐलान, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह ग्राउंड में आयोजित गोरखाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भविष्य में हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गोरखाली समाज की माताओं और बहनों को हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरितालिका तीज माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। यह पर्व हमें दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें हमारी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों की सबसे बड़ी संरक्षक हैं। उनके प्रयासों से भाषा, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने गोरखाली समाज की वीरता, निष्ठा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में गोरखा वीरों ने हमेशा अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है और उनके त्याग व बलिदान पर पूरे देश को गर्व है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में बनने वाले ‘आजाद हिंद फौज शहीद द्वार’ का भी शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि यह शहीद द्वार गोरखा समाज के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने भारत और नेपाल के सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों का भी उल्लेख किया। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है और नेपाल के जल्द इस संकट से उबरने की कामना करता है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, गीता पुष्कर धामी सहित गोरखाली समाज के अनेक प्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

