Uttrakhand

सेवा संकल्प अभियान को लेकर सतपाल महाराज ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

देहरादून।

भारत केसरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में प्रस्तावित सेवा संकल्प अभियान को लेकर उत्तराखंड में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को अपने सुभाष रोड स्थित कैंप कार्यालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

पर्यटन, लोक निर्माण, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, लघु सिंचाई एवं ग्रामीण निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक में सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक वृहद स्तर पर सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, गैस वितरण केंद्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और गंगा तटों पर जनभागीदारी के साथ दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

महाराज ने अधिकारियों से कहा कि अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा की यात्रा और सेवा एवं विकास से जुड़े कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जाए। साथ ही युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने और अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाए।

 

अभियान के तहत रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, गरीब कल्याण कार्यक्रम, ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’, प्रदर्शनियां और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। संस्कृति विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के माध्यम से पंचायत स्तर पर कार्यक्रम और मंचन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल जन्मदिन से जुड़ा कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सेवा और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जनमानस तक पहुंचाने का व्यापक प्रयास है। उन्होंने प्रत्येक जिले में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा’ की भावना के साथ शिविर आयोजित करने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यक्रम करने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, नगर निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि, जिला पंचायत प्रतिनिधि, सांसद एवं विधायकों के साथ संवाद कर अभियान में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।

 

बैठक में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, अपर निदेशक पूनम चंद, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, लघु सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता बी.के. तिवारी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता मुकेश सिंह परमार, ग्रामीण निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता विभू रावत और संस्कृति विभाग के अपर निदेशक शेखर पटवा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।